नाले की सड़ांध से घूटता है दम

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 May 2016 8:44 AM

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मुसीबत. वार्ड नंबर 25 में नहीं होती है नाले की सफाई कई दशक पूर्व सड़क के दोनों किनारे नाले का निर्माण कराया गया था. इसकी समुचित साफ-सफाई नहीं कराये जाने के कारण लोगों को सड़ांध से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सुपौल : शहर के बीचों-बीच स्थित वार्ड नंबर 25 की एक तिहाई […]

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मुसीबत. वार्ड नंबर 25 में नहीं होती है नाले की सफाई

कई दशक पूर्व सड़क के दोनों किनारे नाले का निर्माण कराया गया था. इसकी समुचित साफ-सफाई नहीं कराये जाने के कारण लोगों को सड़ांध से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

सुपौल : शहर के बीचों-बीच स्थित वार्ड नंबर 25 की एक तिहाई आबादी नगर परिषद की कार्यशैली से नाराज है. इस वार्ड में कई दशक पूर्व सड़क के दोनों किनारे नाले का निर्माण कराया गया था.

इसकी समुचित साफ-सफाई नहीं कराये जाने के कारण जहां लोगों को सड़ांध से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं स्थानीय लोगों द्वारा सड़क की भूमि को अतिक्रमित कर लिये जाने से वाहनों के परिचालन में भी चालकों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. नाला में कचरा का जमाव रहने से इन दिनों स्थानीय लोगों को मच्छरों के प्रकोप से भी जूझने की विवशता बनी हुई. स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला के साफ- सफाई को लेकर कई बार स्थानीय जन प्रतिनिधि व विभाग से अनुरोध किया गया, लेकिन विभाग द्वारा किसी प्रकार की पहल नहीं की गयी है. जिस कारण वार्ड वासी समेत उक्त सड़क से आवाजाही करने वाले राहगीरों को जहां कठिनाई हो रही है

उपेक्षा का दंश झेल रहे लोग

सरकार द्वारा शहर सहित आस पड़ोस के क्षेत्र को हाइटेक बनाये जाने की कवायद जारी है. कई योजनाओं को संचालित कर चकाचक सड़के, बिजली का उत्तम प्रबंध, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा, पर्यटन स्थल, पार्क सहित अन्य सुविधाओं से लैस कर सूरत व सीरत बदलने का कार्य भी जारी है. लेकिन जिला मुख्यालय का हजारों की आबादी बाले सबसे पुराना वार्ड अब तक उपेक्षा का दंश झेलने को विवश हो रहे हैं. ऐसी बात नहीं है कि जिला प्रशासन के पास राशि की कमी हो रही है.

लेकिन जब तक सरकारी महकमा का नजरिया व सकारात्मक सोच प्रदर्शित नहीं होगा. तब तक जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रतिफल लोगों को नहीं मिल सकेगा. गौरतलब हो कि सदर प्रखंड के वीणा एकमा से आने वाली यह पथ कीर्तन भवन के समीप सुपौल – सहरसा मार्ग को जोड़ती है.

कहते हैं वार्ड पार्षद : इस बाबत पूछने पर वार्ड पार्षद गंगा साह ने बताया कि वार्ड की समस्या से बोर्ड को अवगत कराया गया है. शीघ्र ही लोगों को इस समस्या से निजात दिलाया जायेगा.

स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां के लोग इस सड़क में कई दशकों से नाला की समस्या से जूझ रहे हैं.बताया कि यह पथ सदर प्रखंड के कई पंचायतों को जोड़ती है. साथ ही इस सड़क के किनारे निजी चिकित्सालय, मंदिर, छोटे – छोटे कुटीर उद्योग, ट्रांसपोर्ट, विद्यालय सहित अन्य कार्यालय भी संचालित है. जिस कारण दैनिकी सैकड़ों वाहन व राहगीरों का आवाजाही बना रहता है.

सरकारी भूमि का अतिक्रमित कर लिये जाने व खुली नाला रहने के कारण कई बार घटनायें भी घटित हुई है. बावजूद इसके प्रशासन का इस समस्या के बाबत किसी प्रकार का पहल नहीं किया जा रहा है. बताया कि मौसम के एकाएक करवट लेने से जिले भर में मच्छरों के प्रकोप से कालाजार जैसे रोग का शिकार हो रहे हैं.

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