आम बजट : महंगाई व बेरोजगारी दूर होने की उम्मीद

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 Feb 2016 8:40 AM

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सुपौल : केंद्र सरकार द्वारा सोमवार को संसद में नये सत्र के लिए आम बजट पेश किया जायेगा. वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किये जाने वाले बजट को लेकर लोगों में काफी उम्मीदे हैं. समाज में इस बाबत जारी चर्चा के मुताबिक महंगाई व बेरोजगारी वर्तमान समय में देश की बड़ी समस्या है. महंगाई […]

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सुपौल : केंद्र सरकार द्वारा सोमवार को संसद में नये सत्र के लिए आम बजट पेश किया जायेगा. वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किये जाने वाले बजट को लेकर लोगों में काफी उम्मीदे हैं.
समाज में इस बाबत जारी चर्चा के मुताबिक महंगाई व बेरोजगारी वर्तमान समय में देश की बड़ी समस्या है. महंगाई की वजह से खास कर गरीब व मध्यम वर्गीय परिवार को हर माह अपने घरेलू बजट को संभालने में परेशानी झेलनी पड़ती है. आर्थिक समस्या का भी सामना करना पड़ता है. दूसरी ओर बेरोजगारी विशेषकर युवाओं के लिए विकट समस्या बनी हुई है. देश में लाखों पढ़े-लिखे बेरोजगार आज भी नौकरी व रोजगार के लिए दर-दर की ठोकर खाने को विवश हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत लोकसभा चुनाव के दौरान चुनावी सभाओं में बडी तादाद में रोजगार सृजन कर बेरोजगारों को काम देने का वादा किया था. नये बजट की चर्चा के साथ ही युवा वर्ग में फिर से एक बार आशा का संचार हुआ है. उन्हें उम्मीद है कि यह बजट आम आवाम के साथ ही युवाओं के लिए भी संकट मोचन साबित होगा.
पिपरा प्रखंड प्रमुख डोमी पासवान ने कहा कि बजट ऐसा हो, जिसमें गरीब, मजदूर के साथ ही किसानों के हित का ख्याल रखा जाये. उन्होंने किसानों को देश की रीढ़ बताते हुए कहा कि उन्हें जब सस्ते दर पर खाद, बीज आदि मिलेगा, तभी उनका आर्थिक संकट दूर होंगा. उन्होंने मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को सीधे तौर पर भुगतान का सुझाव दिया, जिससे उन्हें बिचौलियों से छुटकारा मिल सके.
सदर प्रखंड के सुखपुर निवासी जितेंद्र झा ने कहा कि गांव के विकास के बिना देश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में चल रहे मनरेगा, इंदिरा आवास आदि योजनाओं में गति लाने तथा उसके लिए धन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार से आह्वान किया. गांव में रोजगार मिलने से अन्य प्रदेशों की ओर मजदूरों का पलायन भी रुकेगा.
समाजसेवी नवीन गुप्ता ने बजट में रोजगार के प्रावधान एवं महंगाई के निदान की आवश्यकता जतायी. कहा कि बड़ी संख्या में युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं. इसके कारण उनका समाज की मुख्य धारा से भटकाव भी होता है. उन्हें रोजगार उपलब्ध करा कर न सिर्फ उनका बल्कि उनके परिवार का कल्याण किया जा सकता है. महंगाई को भी बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि आशा है इस बजट में महंगाई पर अंकुश लगाने की बात होगी.
शिक्षण पेशे से जुड़े एसके झा ने शिक्षा के विकास पर बल दिया. कहा कि सरकार को शिक्षा के मौलिक सुधार की दिशा में पहल करनी चाहिए, ताकि सही रूप से शिक्षित नौजवान देश के प्रगति में सार्थक भूमिका निभा सकें.
सामाजिक कार्यकर्ता जीतू कुमार ने भी नये बजट में मंहगाई पर अंकुश लगाने की आवश्यकता जतायी. कहा कि वित्त मंत्री को देश के गरीब व मध्यम वर्गीय लोगों के आर्थिक संकट के मद्देनजर महंगाई पर नियंत्रण करना चाहिए. दैनिक जीवन में काम आने वाले आवश्यक वस्तुओं के मूल्य में कमी की जानी चाहिए, ताकि आम आवाम व गरीब तबके के लोगों को इसका लाभ मिल सके.
सामाजिक कार्यकर्ता चंचल कुमार झा ने नये बजट में कर के प्रावधान व उसमें सुधार की बात कही. कहा कि कर के अतिरिक्त भार का खामियाजा आम लोगों के साथ ही सरकारी कर्मी व व्यवसायियों को उठाना पड़ता है. कर में बढ़ोतरी की वजह से ही महंगाई में भी वृद्धि होती है. लिहाजा कर प्रणाली में सुधार कर आम लोगों का कल्याण किया जा सकता है.
सरपंच मिथिलेश राय ने नये बजट में कृषि व किसानों पर विशेष फोकस करने की बात कही. कहा कि किसानों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य अवश्य मिलना चाहिए, ताकि वे परंपरागत खेती के कार्य से विमुख न हों. उन्होंने कृषि के लिए आवश्यक सामग्री के मूल्य में भी यथा संभव कमी लाने की जरूरत बतायी. कहा कि देश में 50 फीसदी से अधिक लोग कृषि कार्य से जुड़े हुए हैं. लिहाजा किसानों के हित के बहाने देश का हित किया जा सकता है.
बैंक प्रबंधक दीपक कुमार ने कहा कि नये बजट में गरीब व किसानों के हित की बात होनी चाहिए. किसानों के ऋण को माफ किया जाना चाहिए. आयकर की सीमा बढ़ायी जानी चाहिए. साथ ही देश की अर्थव्यवस्थाको मजबूत करने के लिए रोजगार पर भी जोर देना आवश्यक है. उन्होंने महंगाई पर नियंत्रण करने की भी बात कही.
सामाजिक कार्यकर्ता चुन्नू कुमार ने भी महंगाई और बेरोजगारी को बड़ी समस्या बताते हुए इसके लिए सार्थक प्रयास का आह्वान किया. कहा कि सरकार को नये बजट में शिक्षा व स्वास्थ्य सेवा पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए.
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