सुपौल : 33 स्कूली छात्रों की बची जान

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सुपौल : सुपौल में मुख्यमंत्री दर्शन योजनांतर्गत कोसी बराज पर परिभ्रमण के लिए आये 33 बच्चे चार शिक्षक और चार अभिभावकों की जिंदगी बाल-बाल बची. मधुबनी जिले के मधेपुर प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय दर्जिया उर्दू के 33 बच्चे नेपाल स्थित कोसी बराज परिभ्रमण के लिए आये थे, लेकिन शिक्षक और बच्चों को लेकर परिभ्रमण […]

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सुपौल : सुपौल में मुख्यमंत्री दर्शन योजनांतर्गत कोसी बराज पर परिभ्रमण के लिए आये 33 बच्चे चार शिक्षक और चार अभिभावकों की जिंदगी बाल-बाल बची. मधुबनी जिले के मधेपुर प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय दर्जिया उर्दू के 33 बच्चे नेपाल स्थित कोसी बराज परिभ्रमण के लिए आये थे, लेकिन शिक्षक और बच्चों को लेकर परिभ्रमण पर साथ आये बसचालक नेपाल के कोसी बराज पर शराब के नशे में धुत हो गया. इस दौरान परिभ्रमण पर आये शिक्षक और बच्चे कोसी बराज के जल स्तर का मुआयना कर रहे थे. इसके बाद वापसी के क्रम में जब बस लेकर चालक अपने गंतव्य की ओर रवाना हुआ तो रास्ते में तीन जगह पर बस दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गयी.

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ड्राइवर को नशे में धुत देख शिक्षकों ने उसे गाड़ी धीरे चलाने के लिए कहा तो ड्राइवर और कंडक्टर शिक्षकों से ही अभद्र व्यवहार करने लगे. इस दौरान परिभ्रमण की बस जब कोसी बराज से सीमावर्ती भीम नगर की ओर आ रही थी तो भीमनगर ओपी के पास पुलिस को देखकर शिक्षक बच्चे और अभिभावकों के हो हल्ला को सुन पुलिस ने गाड़ी को रुकवा कर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद शिक्षकों और बच्चों ने राहत की सांस ली.

दरअसल बिहार में शराब बंदी के बाद नेपाल का कोसी बराज वाइन टूरिज्म के नाम से जाना जाने लगा है. नशे के शौकीन इस इलाके में जाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते. ड्राइवर श्रवण कुमार के विरुद्ध अभिभावक और शिक्षकों ने भीमनगर ओपी में लिखित आवेदन दिया है.

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