सीवान में झाड़ी में मिला 30 वर्षीय मजदूर का शव, ‘पापा-पापा’ कहती रही दो साल की मासूम, मां की पहले ही हो चुकी है मौत
घटना स्थल के पास जांच करती पुलिस
Goriyakothi Laborer body : सीवान के गोरियाकोठी में सड़क किनारे झाड़ी से एक मजदूर का शव मिलने से हड़कंप मच गया. मृतक की पहचान 30 वर्षीय अनिल कुमार राम के रूप में हुई है, जो मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था. उसकी दो साल की मासूम बेटी 'पापा-पापा' पुकारती रही, जिससे माहौल गमगीन हो गया.
Goriyakothi Laborer body : सीवान के गोरियाकोठी थाना क्षेत्र के छितौली के पास शनिवार को सड़क किनारे झाड़ी से एक मजदूर का शव मिलने से दहशत फैल गयी. मृतक की पहचान लीलारो गांव निवासी 30 वर्षीय अनिल कुमार राम के रूप में हुई है. वह मजदूरी कर अपनी बूढ़ी मां और करीब दो साल की बेटी का पालन-पोषण करता था. उसकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी. पिता की मौत के बाद परिवार का इकलौता सहारा भी अब नहीं रहा.
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सड़क किनारे झाड़ी में मिला शव
छितौली के समीप सड़क किनारे झाड़ी में ग्रामीणों ने शनिवार को अनिल कुमार राम का शव देखा. शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गयी. ग्रामीणों ने तत्काल गोरियाकोठी थाना पुलिस को सूचना दी.
पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की. इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीवान सदर अस्पताल भेज दिया गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं
अनिल की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है. शव सड़क किनारे झाड़ी से मिलने के कारण ग्रामीणों ने घटना की गंभीरता से जांच की मांग की है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी.
मजदूरी कर चलाता था परिवार
ग्रामीणों के अनुसार अनिल बेहद गरीब परिवार से था. वह मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाता था. उसके पिता स्व. चैत राम की पहले ही मौत हो चुकी थी. परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी.
आर्थिक तंगी में पत्नी की भी हुई थी मौत
बताया गया कि कुछ समय पहले आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करा पाने से अनिल की पत्नी की भी मौत हो गयी थी. इसके बाद घर की पूरी जिम्मेदारी अनिल के कंधों पर आ गयी थी. उसकी बूढ़ी मां और छोटी बेटी उसी पर निर्भर थीं.
अब मासूम बेटी के सिर से उठा पिता का साया
अनिल की मौत के बाद करीब दो साल की मासूम बेटी के सिर से पिता का साया भी उठ गया. ग्रामीणों के अनुसार बच्ची अपने पिता को ही अपना सहारा मानती थी. घर में पिता का शव पहुंचने के बाद वह कुछ समझ नहीं पा रही थी.
बार-बार दरवाजे की ओर देख पुकारती रही पापा
परिजनों के अनुसार बच्ची बार-बार दरवाजे की ओर देख रही थी और ‘पापा-पापा’ पुकार रही थी. उसे यह समझ नहीं था कि जिस पिता के लौटने का वह इंतजार कर रही है, वह अब कभी वापस नहीं आएंगे. बच्ची को इस तरह पुकारते देख वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गयीं.
बूढ़ी मां का रो-रोकर बुरा हाल
बेटे की मौत की खबर सुनकर अनिल की बूढ़ी मां बेसुध हो गयी. परिवार में पहले पत्नी और अब बेटे की मौत से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घटना की खबर फैलने के बाद लीलारो गांव में भी मातम पसरा है.
ग्रामीणों ने की गंभीर जांच की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि अनिल मिलनसार, सीधा-सादा और मेहनती युवक था. उसकी मौत को लेकर किसी तरह की स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आयी है. ग्रामीणों ने पुलिस से पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है.
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