सीतामढ़ी में SSB के डॉग स्क्वायड की कड़ी परीक्षा शुरू, सूंघने से ट्रैकिंग तक परखा जा रहा हुनर
प्रतियोगिता के पहले दिन श्वान के साथ जवान
सीतामढ़ी में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की दो दिवसीय अंतर-वाहिनी श्वान प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ है. इस प्रतियोगिता में श्वानों की आज्ञापालन, ट्रैकिंग और सुरक्षा कौशल का कड़ा परीक्षण किया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य आगामी क्षेत्रक स्तरीय प्रतियोगिता के लिए उत्कृष्ट श्वान दल का चयन करना है.
Sitamarhi News: सीतामढ़ी. 20वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सीतामढ़ी में बुधवार को दो दिवसीय अंतर-वाहिनी श्वान प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ. प्रतियोगिता का उद्घाटन कमांडेंट विनोद कुमार तलवार ने किया. प्रतियोगिता 9 से 10 सितंबर तक चलेगी. इसका उद्देश्य आगामी क्षेत्रक स्तरीय प्रतियोगिता के लिए उत्कृष्ट श्वान दल का चयन करना है.
9 और 10 सितंबर तक चलेगी प्रतियोगिता
एसएसबी की ओर से आयोजित यह अंतर-वाहिनी श्वान प्रतियोगिता दो दिनों तक चलेगी. प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न श्वान दलों की क्षमता और कार्यकुशलता का आकलन किया जाएगा.
इसके आधार पर आगामी क्षेत्रक स्तरीय प्रतियोगिता के लिए बेहतर प्रदर्शन करने वाले श्वान दल का चयन किया जाएगा.
आज्ञापालन क्षमता की होगी परीक्षा
प्रतियोगिता में श्वानों की आज्ञापालन क्षमता का तकनीकी और व्यावहारिक परीक्षण किया जाएगा. निर्धारित निर्देशों के अनुसार श्वान कितनी तेजी और सटीकता से प्रतिक्रिया करता है, इस आधार पर उसकी दक्षता का आकलन होगा.
एसएसबी के सुरक्षा अभियानों में प्रशिक्षित श्वानों की भूमिका को देखते हुए इस तरह की प्रतियोगिता को महत्वपूर्ण माना जाता है.
ट्रैकिंग और सूंघने की क्षमता का परीक्षण
श्वानों की ट्रैकिंग दक्षता और सूंघने की क्षमता की भी परीक्षा होगी. प्रतियोगिता के दौरान यह देखा जाएगा कि श्वान किसी विशेष गंध या संकेत को कितनी सटीकता से पहचान सकता है और निर्धारित ट्रैक को किस तरह फॉलो करता है.
इन परीक्षणों के माध्यम से श्वान दल की वास्तविक कार्यक्षमता का आकलन करने की कोशिश की जाएगी.
सुरक्षा कौशल पर भी रहेगा फोकस
प्रतियोगिता में श्वानों के सुरक्षा कौशल का भी तकनीकी एवं व्यावहारिक परीक्षण होगा. सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों में प्रशिक्षित श्वान किस तरह प्रतिक्रिया करता है, इसकी जांच की जाएगी.
श्वानों की कार्यक्षमता के साथ उनके साथ काम करने वाले जवानों के समन्वय को भी प्रतियोगिता के दौरान महत्वपूर्ण माना जाएगा.
क्षेत्रक स्तरीय प्रतियोगिता के लिए होगा चयन
प्रतियोगिता का प्रमुख उद्देश्य आगामी क्षेत्रक स्तरीय प्रतियोगिता के लिए उत्कृष्ट श्वान दल का चयन करना है. दो दिनों तक होने वाले विभिन्न परीक्षणों के परिणाम के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले दल को आगे की प्रतियोगिता में अवसर मिलेगा.
इससे एसएसबी को अपने प्रशिक्षित श्वान दल की क्षमता का आकलन करने के साथ उत्कृष्ट टीम तैयार करने में मदद मिलेगी.
जवानों और श्वान दल की संयुक्त तैयारी
एसएसबी के श्वान दल सुरक्षा और अन्य विशेष कार्यों के लिए प्रशिक्षित होते हैं. प्रतियोगिता के दौरान श्वानों के साथ जवानों की तैयारी और समन्वय भी देखने को मिलेगा.
आयोजन के माध्यम से श्वान दल की दक्षता को परखने और बेहतर प्रदर्शन करने वाले दल को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा.
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