सीतामढ़ी: सफाई के नाम पर नगर निगम में नया विवाद, एजेंसी को लेकर पार्षद ने उठाए सवाल

Updated:
विज्ञापन

नगर निगम, सीतामढ़ी

सीतामढ़ी नगर निगम में सफाई व्यवस्था को लेकर वार्ड पार्षद और महापौर के बीच खींचतान तेज हो गई है. वार्ड-21 की पार्षद बबिता कुमारी ने जिलाधिकारी से गौरीशंकर एजेंसी को नियम विरुद्ध कार्य विस्तार देने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है. महापौर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एजेंसी न्यायालय के आदेश पर काम कर रही है.

विज्ञापन

Sitamarhi News: सीतामढ़ी नगर निगम की सफाई व्यवस्था को लेकर वार्ड पार्षदों और महापौर के बीच विवाद गहराता जा रहा है. वार्ड-21 की पार्षद बबिता कुमारी ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर गौरीशंकर एजेंसी को कथित रूप से नियम विरुद्ध कार्य विस्तार दिए जाने का आरोप लगाया है. उन्होंने पूरे मामले की जांच कर नियमानुकूल कार्रवाई की मांग की है. वहीं महापौर रौनक जहां परवेज ने पार्षद के आरोपों को खारिज करते हुए एजेंसी के न्यायालय के आदेश के तहत कार्य करने की बात कही है.

आपके शहर में

विज्ञापन

वार्ड-21 की पार्षद ने डीएम से की शिकायत

18 अगस्त को दिए आवेदन में पार्षद बबिता कुमारी ने आरोप लगाया है कि गौरीशंकर एजेंसी करीब चार वर्षों से नगर निगम क्षेत्र में सफाई का काम कर रही है. पार्षद के अनुसार एजेंसी की कार्य अवधि जुलाई 2024 में समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद उससे सफाई कार्य कराया जा रहा है.

उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि कार्य अवधि समाप्त होने के बाद एजेंसी से किस आधार पर सफाई का काम लिया जा रहा है.

अन्य एजेंसियों का काम हटाने का भी आरोप

पार्षद ने आरोप लगाया है कि वर्तमान में तीन अन्य एजेंसियों विशाल प्रोटेक्शन फोर्स, मौरयन कार्स ऑटो सर्विसेज और टेक्नो फैसिलिटी से सफाई कार्य हटाकर पुन: गौरीशंकर एजेंसी को देने का दबाव बनाया जा रहा है.

आवेदन में महापौर पति आरिफ हुसैन पर भी एजेंसी के पक्ष में दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

डीएम की नाराजगी का भी दिया हवाला

पार्षद ने डुमरा और समाहरणालय के आसपास सफाई व्यवस्था को लेकर पूर्व में जिलाधिकारी की नाराजगी का भी आवेदन में उल्लेख किया है. उनका कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए.

पार्षद ने आवेदन की प्रतिलिपि नगर आयुक्त समेत कई नगर निगम पार्षदों को भी दी है. आवेदन पर कई अन्य पार्षदों के हस्ताक्षर होने की बात भी सामने आई है.

महापौर ने आरोपों को किया खारिज

महापौर रौनक जहां परवेज ने पार्षद के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्य एजेंसियों का एग्रीमेंट 24 जुलाई को समाप्त हो गया है. उन्होंने कहा कि गौरीशंकर एजेंसी से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है और एजेंसी कोर्ट के आदेश के तहत कार्य कर रही है.

नए टेंडर तक गौरीशंकर एजेंसी से लिया जा रहा काम : महापौर

महापौर के अनुसार गौरीशंकर एजेंसी ग्रामीण इलाकों में सफाई की जिम्मेदारी संभाल रही है. उन्होंने कहा कि सरकारी पत्र के अनुसार अन्य एजेंसियों से कार्य नहीं लिया जा सकता. नया टेंडर होने तक मानव बल उपलब्ध कराने के लिए गौरीशंकर एजेंसी से कार्य लिया जा रहा है.

मामले में पार्षद के आरोप और महापौर के पक्ष के बीच अब प्रशासनिक जांच से ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है.

यह भी पढ़ें: बाघ ने छीनी किसान की जिंदगी, वन विभाग ने परिवार को सौंपा 10 लाख का सहारा


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन