हड़ताल पर रहे 236 कातिबों का लाइसेंस रद्द
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Apr 2016 6:57 PM
हड़ताल पर रहे 236 कातिबों का लाइसेंस रद्द (प्रथम पेज प्रस्तावित)डीएम राजीव रौशन ने की रद्द करने की कार्रवाई विभागीय प्रधान सचिव ने दिया था कार्रवाई का आदेश डुमरा . वित्तीय वर्ष की समाप्ति के दौरान 30 व 31 मार्च को दो दिवसीय हड़ताल पर रहने वाले जिले के 236 कातिबों का लाइसेंस रद्द कर […]
हड़ताल पर रहे 236 कातिबों का लाइसेंस रद्द (प्रथम पेज प्रस्तावित)डीएम राजीव रौशन ने की रद्द करने की कार्रवाई विभागीय प्रधान सचिव ने दिया था कार्रवाई का आदेश डुमरा . वित्तीय वर्ष की समाप्ति के दौरान 30 व 31 मार्च को दो दिवसीय हड़ताल पर रहने वाले जिले के 236 कातिबों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है. उक्त कातिबों पर पिछले चार-पांच दिनों से कार्रवाई की तलवार लटकी हुई थी. दस्तावेज नबीसों को इसका अंदाजा भी नहीं था कि उनके खिलाफ इतनी बड़ी कार्रवाई की जा सकती है. वे प्रतिदिन निबंधन कार्यालयों पर आते तो जरूर थे, पर उनसे काम नहीं लिया जाता था.दस्तावेज लेखन पर थी रोक दो दिन की हड़ताल के बाद एक अप्रैल से कातिबों द्वारा निबंधन कार्यालयों में योगदान कर निबंधन से संबंधित कार्य करने की कोशिश की गयी, पर विभागीय अधिकारी उनका योगदान स्वीकार ही नहीं किये और न ही दस्तावेज नबीस दस्तावेज लेेखन का काम कर रहे थे. दरअसल, सरकार के ही स्तर से उनके काम पर रोक लगा दी गयी थी. प्रधान सचिव का कड़ा आदेश विभागीय प्रधान सचिव केके पाठक ने दो दिन की हड़ताल से सरकार राजस्व की हुई क्षति को गंभीरता से लेने के साथ ही डीएम को पत्र भेज हड़ताल पर रहे कातिबों का लाइसेंस रद्द करने को कहा था. जिला अवर निबंधक निगम प्रसाद ज्वाला के स्तर से कातिबों से स्पष्टीकरण पूछा गया था. उसके बाद डीएम द्वारा 236 कातिबों का लाइसेंस रद्द किया गया है. इसकी पुष्टि जिला अवर निबंधक श्री ज्वाला ने की है. कहते हैं संघ के अध्यक्ष जिला कातिब संघ के अध्यक्ष श्रीनंदन प्रसाद ने बताया कि उक्त कार्रवाई से वे लोग सड़क पर आ गये हैं. सरकार को कार्रवाई का आदेश वापस लेना चाहिए. उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गयी तो वे लोग शीघ्र हाई कोर्ट की शरण में जायेंगे.
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