तिब्बत-नेपाल में ग्लेशियर फटने से जल प्रलय की आशंका, शिवहर में मंत्री ने परखी बाढ़ पूर्व तैयारी

Updated:
विज्ञापन

बैठक के दौरान आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री रत्नेश सदा, डीएम प्रतिभा रानी, एसपी शैलेन्द्र सिंह व अन्य

तिब्बत और नेपाल में ग्लेशियर फटने की आशंका के बीच बिहार सरकार ने बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है. शिवहर में आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की.

विज्ञापन

Sheohar News: तिब्बत और नेपाल में ग्लेशियर फटने से उत्पन्न जल प्रलय की संभावित स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार ने बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है. शनिवार को शिवहर समाहरणालय के संवाद कक्ष में आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई. डीएम प्रतिभा रानी और एसपी शैलेंद्र सिंह की मौजूदगी में मंत्री ने कहा कि फिलहाल चिंता की कोई स्थिति नहीं है और बागमती नदी का जलस्तर सामान्य है.

आपके शहर में

विज्ञापन

बाढ़ पूर्व तैयारियों की मंत्री ने की समीक्षा

बैठक में मंत्री रत्नेश सदा ने जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों से जलस्तर, तटबंधों, डैम और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली. मंत्री ने प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

बेलवा घाट, मोहारी तटबंध और डूबा घाट का किया निरीक्षण

बैठक से पहले मंत्री ने बेलवा घाट, मोहारी तटबंध और डूबा घाट का स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ तटबंधों और जल संरचनाओं की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.

निरीक्षण के दौरान सभी प्रमुख संवेदनशील स्थलों की स्थिति संतोषजनक पाई गई. मंत्री ने अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया.

कटैया बांध की स्थिति भी सामान्य

मंत्री रत्नेश सदा ने पिपराही और पुरनहिया क्षेत्र में बने कटैया बांध का भी निरीक्षण किया. इन क्षेत्रों में पूर्व में कटाव की स्थिति उत्पन्न होने के कारण इन्हें संवेदनशील माना जाता रहा है. मंत्री ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और बताया कि फिलहाल यहां भी स्थिति सामान्य है.

बागमती का जलस्तर सामान्य, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

मंत्री ने कहा कि वर्तमान में बागमती नदी का जलस्तर सामान्य है. इसके बावजूद तिब्बत और नेपाल में उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए किसी भी संभावित बदलाव पर नजर रखना जरूरी है.

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार हैं. आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहना चाहिए.

तटबंध और डैम की सुरक्षा पर विशेष निगरानी

समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सभी तटबंधों, डैम और संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया. मंत्री ने कहा कि किसी भी स्थान पर कटाव या जलस्तर में अचानक वृद्धि की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं.

वरीय अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में अपर समाहर्ता राजस्व मेधावी, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन कृष्ण कुमार यादव, एसडीएम डॉ. अनंत कुमार, एसडीपीओ अनुशील कुमार, सिविल सर्जन डॉ. आरके सिंह, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी श्वेता सुमन, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता छविंद्र प्रसाद समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन