सारण में बाल संरक्षण कानूनों को लेकर कार्यशाला, किशोरों के साथ संवेदनशील व्यवहार पर जोर

विज्ञापन

जानकारी देते अधिकारी

सारण में बाल संरक्षण कानूनों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें पुलिसकर्मियों और हितधारकों को किशोर न्याय, पॉक्सो एक्ट जैसे कानूनों की जानकारी दी गई. बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने पर विशेष जोर दिया गया.

विज्ञापन

Child Protection Training: जिला अतिथि गृह सभागार में कानूनी प्रावधानों से संबंधित एक दिवसीय उन्मुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें किशोर न्याय और बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनों की जानकारी पुलिसकर्मियों और संबंधित हितधारकों को दी गयी.

आपके शहर में

विज्ञापन

बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों की दी गयी जानकारी

कार्यशाला में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 यानी पॉक्सो एक्ट, बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम 2016, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 और ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 2019 सहित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गयी.

यह प्रशिक्षण विशेष किशोर पुलिस इकाई, सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों, पुलिसकर्मियों और बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न हितधारकों के लिए आयोजित किया गया.

बच्चों के प्रति संवेदनशील होकर काम करने पर जोर

बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के संयुक्त सचिव ने कहा कि हम सभी एक समाज के नागरिक हैं और बच्चे देश का भविष्य हैं. ऐसे में सभी हितधारकों को संवेदनशील और एकजुट होकर बच्चों से जुड़े मामलों में काम करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा किसी अपराध में शामिल पाया जाता है, तो कानून के प्रावधानों के अनुसार उसके मामले में बाल हित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. उन्होंने बच्चों के पुनर्वास और परिवार के साथ संरक्षण पर भी जोर दिया.

बाल गृहों की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश

बाल कल्याण समिति के सदस्यों से सरकार की ओर से संचालित गृहों का नियमित निरीक्षण करने का अनुरोध किया गया. साथ ही जांच के बाद स्पष्ट मंतव्य के साथ जिला पदाधिकारी और संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजने की बात कही गयी.

उम्र निर्धारण की प्रक्रिया की दी जानकारी

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सारण के सचिव ने बच्चों की उम्र निर्धारण की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि किशोर की उम्र का निर्धारण निर्धारित कानूनी प्रावधानों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाना चाहिए.

किशोरों से सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार करने का निर्देश

प्रधान दंडाधिकारी, किशोर न्याय परिषद, सारण ने सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जब भी किसी किशोर को बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाये, तो उसके साथ संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार किया जाये.

उन्होंने निर्देश दिया कि किशोर को बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करते समय बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी पुलिस की वर्दी में उपस्थित नहीं रहें, ताकि बच्चे के मन में भय का माहौल उत्पन्न न हो.

अंत में सहायक निदेशक, बाल संरक्षण इकाई ने धन्यवाद ज्ञापन किया. इसके बाद एक दिवसीय कार्यशाला का समापन किया गया.

Also Read : सारण के गांव से डेथ वैली तक शैलेश की ऐतिहासिक उड़ान, किसान के बेटे ने 29 घंटे में 217 किमी दौड़कर बनाया रिकॉर्ड


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन