सारण में अगले 24 से 36 घंटे भारी: फिर बढ़ सकता है नदियों का जलस्तर, जिला प्रशासन अलर्ट
खेतों में कम हुआ पानी, किसानों को मिली राहत
सारण जिले में नदियों के जलस्तर में थोड़ी कमी के बावजूद, अगले 24 से 36 घंटों में वृद्धि की आशंका है. नेपाल से पानी छोड़े जाने और स्थानीय बारिश के कारण जिला प्रशासन सतर्क हो गया है. कई इलाकों में बाढ़ का असर देखा जा रहा है.
Saran Flood: सारण जिले में फिलहाल नदियों के जलस्तर में कमी आ रही है, लेकिन अगले 24 से 36 घंटे के दौरान जलस्तर में फिर थोड़ी बढ़ोतरी की संभावना जतायी जा रही है. संभावित स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है. प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग भी जारी है.
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जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव बाढ़ की स्थिति को लेकर बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों से लगातार जानकारी ले रहे हैं. स्थिति के अनुसार संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये जा रहे हैं.

नेपाल से पानी छोड़े जाने और बारिश से बढ़ सकता है जलस्तर
बाढ़ प्रमंडल और प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, नेपाल में एक दूसरी झील से भारी मात्रा में पानी का रिसाव हो रहा है. इसके कारण बाल्मीकि नगर गंडक बैराज से रविवार दोपहर 1.53 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया.
इसके अलावा सारण समेत बिहार के कई जिलों में बारिश हो रही है. दूसरे राज्यों और पर्वतीय इलाकों में भी बारिश का दौर जारी है. उत्तर प्रदेश के वाराणसी समेत कई इलाकों में नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है. वहां का पानी घाघरा समेत अन्य नदियों के जरिए आगे बढ़ रहा है.
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए बाढ़ प्रमंडल के अधिकारी अगले 24 से 36 घंटे में सारण की नदियों के जलस्तर में मामूली वृद्धि की संभावना जता रहे हैं.
गांधी घाट पर खतरे के निशान से ऊपर गंगा
सारण में कई नदियों का जलस्तर फिलहाल घट रहा है. हालांकि गंगा गांधी घाट पर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है, जबकि वर्तमान जलस्तर 48.96 मीटर दर्ज किया गया है. गंगा यहां खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर ऊपर है.
प्रशासन की ओर से गंगा समेत सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
रिविलगंज में बाढ़ से किसानों को हुआ नुकसान
करीब तीन दिन पहले आयी बाढ़ से रिविलगंज प्रखंड की कई पंचायतों में किसानों को फसल का नुकसान हुआ है. किसान संतोष कुमार के अनुसार, दीलिया रहीमपुर पंचायत में मकई, भिंडी, नेनुआ, परोरा और झींगुनी समेत कई फसलें बर्बाद हुई हैं.
इलाके में झोपड़ियों में रहने वाले कई परिवारों के घर भी बाढ़ की चपेट में आकर प्रभावित हुए हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने की मांग की है.
अभी कई नदियों का जलस्तर घट रहा
बाढ़ नियंत्रण विभाग की 30 अगस्त की सुबह छह बजे की रिपोर्ट के अनुसार, घाघरा छपरा में खतरे का निशान 53.68 मीटर है. रविवार को यहां जलस्तर घटकर 51.17 मीटर पहुंच गया. शनिवार की तुलना में 19 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी है.
सिसवन घाघरा में खतरे का निशान 57.04 मीटर है और वर्तमान जलस्तर 55.71 मीटर दर्ज किया गया है. यहां 14 सेंटीमीटर की कमी आयी है.
गंडक हाजीपुर में खतरे का निशान 50.32 मीटर है और वर्तमान जलस्तर 49.10 मीटर दर्ज किया गया. शनिवार के मुकाबले रविवार को यहां पांच सेंटीमीटर की कमी हुई.
गंडक रेवा में खतरे का निशान 54.41 मीटर है और वर्तमान जलस्तर 53.32 मीटर है. नेपाल में आयी त्रासदी के करीब 48 घंटे बाद यहां 12 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी थी. रविवार को जलस्तर 53.32 मीटर पर स्थिर रहा.
सारण में नदियों का वर्तमान जलस्तर
| नदी | खतरे का निशान | वर्तमान जलस्तर | स्थिति |
| गंगा, गांधी घाट | 48.60 मीटर | 48.96 मीटर | 18 सेमी की कमी |
| गंडक, हाजीपुर | 50.32 मीटर | 49.10 मीटर | 05 सेमी की कमी |
| गंडक, रेवा | 54.41 मीटर | 53.32 मीटर | जलस्तर स्थिर |
| सरयू/घाघरा, सिसवन | 57.04 मीटर | 55.71 मीटर | 14 सेमी की कमी |
| घाघरा, छपरा | 53.68 मीटर | 51.17 मीटर | 19 सेमी की कमी |
क्या बोले अधिकारी
संतोष कुमार प्रभाकर, कार्यपालक अभियंता, बाढ़ प्रमंडल, सारण ने कहा: "अभी जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार नेपाल की एक दूसरी झील से पानी का रिसाव हो रहा है. रविवार को 1.53 लाख क्यूसेक पानी गंडक बैराज से छोड़ा गया है. अभी भी पर्वतीय क्षेत्र, अन्य राज्यों और बिहार के कई जिलों में बारिश हो रही है. इसका असर जलस्तर में थोड़ी वृद्धि के रूप में देखा जा सकता है."
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