हादसे से बाल-बाल बचा पायलट इंजन

Published at :22 Jun 2015 7:37 AM (IST)
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हादसे से बाल-बाल बचा पायलट इंजन

टली दुर्घटना, रेल ट्रैक पर रखा मिला लकड़ी का बोटा छपरा (सारण) : पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा-बलिया रेलखंड पर मांझी के नजदीक रविवार की सुबह राजधानी एक्सप्रेस का पायलट इंजन दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गया. रेल ट्रैक पर लकड़ी का बोटा रखा हुआ था. चालक ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए इंजन […]

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टली दुर्घटना, रेल ट्रैक पर रखा मिला लकड़ी का बोटा
छपरा (सारण) : पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा-बलिया रेलखंड पर मांझी के नजदीक रविवार की सुबह राजधानी एक्सप्रेस का पायलट इंजन दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गया. रेल ट्रैक पर लकड़ी का बोटा रखा हुआ था. चालक ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए इंजन को रोक लिया तथा वॉकी-टॉकी से इसकी सूचना बकुलहा एवं गौतम स्थान स्टेशनों को दी. दोनों स्टेशन मास्टरों द्वारा घटना की जानकारी रेलवे कंट्रोल को दी गयी. बताया जाता है कि डाउन राजधानी एक्सप्रेस के पहले रेलवे प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से पायलट इंजन का परिचालन किया जाता है.
रविवार की अहले सुबह राजधानी एक्सप्रेस से पहले पायलट इंजन को गौतम स्थान के लिए प्रस्थान किया गया. पायलट इंजन मांझी स्टेशन से करीब एक डेढ़ किलोमीटर पूरब कौरू -धौरू गांव के समीप पहुंचा, तो पायलट ने ट्रैक पर कटे हुए पेड़ की लकड़ी का बोटा रखा हुआ पाया. यह देखते ही चालक ने इंजन को रोक लिया और पायलट तथा सहायक पायलट ने रेल ट्रैक पर रखे गये बबूल की लकड़ी के बोटे को हटाया, जिसके बाद पुन: ट्रेन का परिचालन किया गया.
इस वजह से करीब आधा घंटा तक इंजन मांझी और रिविलगंज हाल्ट स्टेशनों के बीच खड़ा रहा. इस बीच राजधानी एक्सप्रेस को बकुलाहा स्टेशन पर आधा घंटा तक रोकना पड़ा.
पायलट इंजन के गौतम स्थान सही सलामत पहुंचने के बाद राजधानी एक्सप्रेस का परिचालन हो सका. ऐसी आशंका है कि असामाजिक तत्वों द्वारा गोंदिया एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त करने की नीयत से रेल ट्रैक पर पेड़ काट कर उसकी लकड़ी का बोटा रखा गया था. रेलवे प्रशासन द्वारा इस मामले की जांच का आदेश दे दिया गया है.
रात के समय हुई इस घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गयी और किसी तरह ट्रेन का परिचालन बहाल हुआ. इसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गयी.
हो सकता था बड़ा हादसा
रेलवे प्रशासन द्वारा बड़ी ट्रेनों की सुरक्षा की दृष्टि से पायलट इंजन का परिचालन किया जाता है. डाउन राजधानी एक्सप्रेस के गुजरने के पहले इसके पायलट इंजन के पायलट की सूझ-बूझ से एक बड़ा हादसा टल गया.
क्या कहते हैं अधिकारी
रेल ट्रैक पर रात के समय लकड़ी का बोटा रख कर दुर्घटना की साजिश रचने की जांच का आदेश दे दिया गया है और रेलवे ट्रैक पर रात के समय ट्रैक मैन से पैट्रोलिंग कराये जाने का भी आदेश दिया गया है.
अशोक कुमार
रेलवे जनसंपर्क अधिकारी
वाराणसी मंडल, पूर्वोत्तर रेलवे
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