लापता लोगों के इंतजार में पथरायीं आंखें
Updated at : 18 Oct 2017 10:17 AM (IST)
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पानापुर : सोमवार की सुबह थाना क्षेत्र के सरौजा भगवानपुर गांव में गंडक नदी में हुई नौका दुर्घटना में लापता लोगों के इंतजार में उनके परिजनों की आंखों की नींद गायब है. इस दुर्घटना ने कई परिवारों के बुढ़ापे के सहारा छीन लिया तो कई औरतों के सुहाग उजाड़ दिये हैं. इस घटना के बाद […]
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पानापुर : सोमवार की सुबह थाना क्षेत्र के सरौजा भगवानपुर गांव में गंडक नदी में हुई नौका दुर्घटना में लापता लोगों के इंतजार में उनके परिजनों की आंखों की नींद गायब है.
इस दुर्घटना ने कई परिवारों के बुढ़ापे के सहारा छीन लिया तो कई औरतों के सुहाग उजाड़ दिये हैं. इस घटना के बाद जहां कई घरों में रात को चूल्हे नहीं जले वहीं कई घरों से परिजनों के चीत्कार के सिवा कुछ भी सुनायी नहीं दे रहा है. इस घटना में लापता पृथ्वीपुर गांव निवासी एवं नाव चालक 25 वर्षीय मुकेश राय की पत्नी सीमा देवी, जब अपने दो मासूम बच्चों के साथ दहाड़ मारकर रोने लगती है, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखों से आंसू उमड़ पड़ते हैं. घटना के बाद से ही उसकी तबीयत बिगड़ गयी है.वहीं तीन वर्षीय पुत्र रविरंजन एवं दो वर्षीया पुत्री सिमरन को समझ ही नहीं आ रहा है कि आखिर हुआ क्या है एवं मां क्यों रो रही है.
राजेश के कंधे पर थी परिवार की जिम्मेदारी : नौका दुर्घटना में लापता फतेहपुर गांव निवासी 22 वर्षीय राजेश शर्मा परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था.
चार भाइयों में सबसे बड़ा अविवाहित राजेश के कंधे पर बूढ़े हो चुके पिता रामप्रवेश शर्मा और मां कलावती देवी के अलावा तीन छोटे भाइयों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी थी.राजेश के लापता होने की सूचना के बाद मां कलावती देवी जहां बेसुध पड़ी है, वहीं पिता रामप्रवेश शर्मा बदहवास हाे कभी घर तो कभी घाट का चक्कर लगा रहे हैं. वहीं तीनों भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है.
अब लइकन के परवरिश कइसे होइ हे भगवान? : थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय फतेहपुर से सटा है सुरेंद्र ठाकुर का घर. नौका दुर्घटना में लापता 35 वर्षीय सुरेंद्र ठाकुर के परिजनों के चीत्कार से हर कोई मर्माहत है.
पत्नी मीरा देवी जब अपने चार नाबालिग बच्चों 15 वर्षीया ज्योति ,12 वर्षीया नेहा ,10 वर्षीया निशा और एकमात्र पुत्र छह वर्षीय अंशु के साथ जब दहाड़ मार कर रो रही थी, उपस्थित हर किसी की आंखें नम हो जा रही थी. बेसुध मीरा सिर्फ एक ही रट लगा रही थी कि अब हमरा लईकन के परवरिश कइसे होइ हे भगवान? ग्रामीणों ने बताया कि अति गरीब इस परिवार के भरण -पोषण की जिम्मेदारी सुरेंद्र ठाकुर के ही कंधों पर थी.
इसके अलावा इस दुर्घटना में लापता फतेहपुर गांव निवासी 60 वर्षीय रामदेव महतो एवं 18 वर्षीया गोविंदा कुमार के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना की खबर सुन जहां रामदेव महतो के तीनों पुत्र बाहर से घर को रवाना हो चुके हैं, वहीं इस घटना में जीवित बचकर निकले गोविंदा का भाई अर्जुन अपनी आंखों के सामने बड़े भाई के डूबने के दृश्य को याद कर सहम जा रहा था.
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