संत रविदास जयंती पर प्रशासन ने खोला समाधान का द्वार, एक ही शिविर में ग्रामीणों की सुनी गयीं समस्याएं
कार्यक्रम को संबोधित करते डीएम
समस्तीपुर में संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती पर विशेष 'संत रविदास शिविर' का आयोजन किया गया. इस शिविर का उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान करना रहा. शिविर में पेंशन, राशन, आवास, भूमि और कृषि समेत विभिन्न मामलों से जुड़े सैकड़ों आवेदन प्राप्त हुए.
Samastipur News: सामाजिक समरसता और समानता के प्रणेता संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर गुरुवार को मोरदिवा पंचायत भवन परिसर में विशेष ‘संत रविदास शिविर’ का आयोजन किया गया. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग और बिहार महादलित विकास मिशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान करना रहा. शिविर में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, राशन, आवास, भूमि और कृषि समेत विभिन्न मामलों से जुड़े सैकड़ों आवेदन प्राप्त हुए.
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दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य पदाधिकारियों ने संत शिरोमणि रविदास के तैल चित्र पर दीप प्रज्वलित कर की. इसके बाद माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर संत रविदास को श्रद्धांजलि दी गयी.
इस अवसर पर मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने संत रविदास के विचारों और उनके सामाजिक योगदान को याद किया. कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक समानता और समरसता का संदेश भी दिया गया.
डीएम बोले- भेदभाव रहित समाज संत रविदास का सपना
जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने मुख्य अतिथि के रूप में संत रविदास के जीवन और विचारों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि संत रविदास ऐसे समाज की कल्पना करते थे, जहां जाति, धर्म और वर्ग के आधार पर किसी के साथ भेदभाव न हो और सभी को समान अधिकार मिले.
उन्होंने कहा कि इसी समतामूलक सोच के साथ सरकार और जिला प्रशासन काम कर रहा है. शिविर केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि प्रशासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाने की पहल है.
पेंशन, राशन और आवास के लिए पहुंचे ग्रामीण
शिविर स्थल पर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पंचायती राज, समाज कल्याण, राजस्व और आपूर्ति विभाग समेत विभिन्न विभागों के अलग-अलग सहायता पटल बनाये गये थे.
इन पटलों पर ग्रामीणों से पेंशन, राशन पत्रिका, आवास योजना, छात्रवृत्ति, भूमि विवाद, स्वास्थ्य जांच और कृषि सामग्री से संबंधित आवेदन लिये गये. कई मामलों में अधिकारियों ने मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई कर समस्याओं का त्वरित समाधान किया.
आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन का निर्देश
जिलाधिकारी ने शिविर में प्राप्त आवेदनों की समयबद्ध समीक्षा और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने की बात कही. उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है.
शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी भी दी गयी, जिससे वे अपने अधिकार और योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझ सकें.
अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
शिविर में जिला कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे.
जनप्रतिनिधियों में प्रखंड बीस सूत्री उपाध्यक्ष, प्रखंड उप प्रमुख और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया. मंच संचालन शिक्षक मंगलेश कुमार ने किया.
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