Samastipur: रोसड़ा की डॉ आयुषी ने सुब्रतो कप में झारखंड की अंडर-17 टीम को दिलाया खिताब
रोसड़ा की बेटी डॉ आयुषी | Prabhat Khabar Network
रोसड़ा की बेटी डॉ आयुषी ने राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. सुब्रतो कप 2026 की अंडर-17 बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता में झारखंड टीम की जीत में उनकी अहम भूमिका रही, जहाँ उन्होंने फिजियोथेरेपिस्ट के तौर पर खिलाड़ियों की फिटनेस पर ध्यान दिया.
Samastipur News: रोसड़ा की बेटी डॉ आयुषी ने अपनी मेहनत और समर्पण से राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. प्रतिष्ठित सुब्रतो कप 2026 की अंडर-17 बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता में झारखंड की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एनसीसी की टीम को हराकर खिताब अपने नाम किया. इस ऐतिहासिक जीत में रोसड़ा निवासी डॉ आयुषी की भी अहम भूमिका रही.
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झारखंड टीम के साथ एक महीने तक रहीं फिजियोथेरेपिस्ट
रोसड़ा निवासी एवं पूर्व प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार सतरा की पुत्री डॉ आयुषी करीब एक महीने तक झारखंड की अंडर-17 बालिका फुटबॉल टीम के साथ फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में जुड़ी रहीं.
इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की शारीरिक फिटनेस बनाए रखने, चोट से बचाव और चोटिल खिलाड़ियों की मैदान पर वापसी के लिए काम किया. प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी पर उन्होंने विशेष ध्यान दिया.
नई दिल्ली में हुआ फाइनल मुकाबला
सुब्रतो कप का फाइनल मुकाबला नई दिल्ली स्थित डॉ बीआर आंबेडकर स्टेडियम में आयोजित हुआ. झारखंड की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए एनसीसी की टीम को पराजित किया और खिताब पर कब्जा जमाया.
टीम की खिताबी जीत के साथ डॉ आयुषी के योगदान की भी सराहना हो रही है. राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में टीम के साथ काम करना उनके पेशेवर करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है.
देहरादून से बीपीटी, गुरुग्राम से एमपीटी की पढ़ाई
डॉ आयुषी ने देहरादून से बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (बीपीटी) की पढ़ाई पूरी की है. इसके बाद उन्होंने गुरुग्राम से मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी (एमपीटी) किया.
वह इससे पहले पटना स्थित पारस अस्पताल में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. खेल और फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता का लाभ झारखंड की युवा खिलाड़ियों को मिला.
1958 से आयोजित हो रहा है सुब्रतो कप
सुब्रतो कप की शुरुआत वर्ष 1958 में हुई थी. यह देश की प्रतिष्ठित अंतर-विद्यालयी फुटबॉल प्रतियोगिताओं में शामिल है. प्रतियोगिता ने वर्षों से युवा फुटबॉल खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच उपलब्ध कराया है.
झारखंड की अंडर-17 बालिका टीम की खिताबी जीत के साथ डॉ आयुषी ने भी रोसड़ा और अपने परिवार का गौरव बढ़ाया है. उनकी उपलब्धि को छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों की युवतियों के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है.
डॉ आयुषी की सफलता पर रोसड़ा क्षेत्र के लोगों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं.
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