गंगा का पानी उतरते ही स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी, रोज 600-800 लोगों को मिल रही चिकित्सा सुविधा

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बैठक में शामिल रोगी कल्याण समिति के सदस्य

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गंगा नदी का जलस्तर घटने के साथ ही मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंडों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकलने लगा है. प्रशासन अब स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और जलजनित रोगों से बचाव पर ध्यान दे रहा है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हैं और प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही हैं.

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Samastipur News: मोहिउद्दीननगर. गंगा नदी के जलस्तर में कमी के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पानी धीरे-धीरे निकलने लगा है. इसके बाद प्रशासन का फोकस स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और जलजनित रोगों से बचाव पर है. आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग और जिलाधिकारी के निर्देश पर मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंडों में स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से प्रतिदिन करीब 600 से 800 लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है.

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Mohiuddinagar News: बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी सक्रियता

गंगा और वाया नदियों का पानी विभिन्न गांवों से उतरने के बाद स्वास्थ्य कर्मी जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के सहयोग से बाढ़ प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में जुटे हैं.

कई स्थानों पर अब भी स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं. इन शिविरों में लोगों की चिकित्सीय जांच के साथ आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं.

रोज 600 से 800 लोगों को मिल रही चिकित्सा सुविधा

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाए गए स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से प्रतिदिन करीब 600 से 800 लोगों को चिकित्सा सुविधा दी जा रही है.

बाढ़ के बाद बीमारियों की आशंका को देखते हुए प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से पोस्ट डिजास्टर मैनेजमेंट के तहत आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.

मोहनपुर सीएचसी में रोगी कल्याण समिति की बैठक

इधर, बुधवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी निगम झा की अध्यक्षता में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहनपुर में रोगी कल्याण समिति की बैठक आयोजित की गयी.

बैठक का संचालन सीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार ने किया. बैठक में रोगी कल्याण समिति के सदस्यों की मौजूदगी में बाढ़ के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए गए कार्यों की समीक्षा की गयी और आगे की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए.

ब्लीचिंग पाउडर और चूना का छिड़काव जारी

बीडीओ निगम झा ने निर्देश दिया था कि जिन क्षेत्रों से बाढ़ का पानी निकल चुका है या आंशिक रूप से पानी बचा है, वहां ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाए.

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बैठक में बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर और चूना का छिड़काव युद्धस्तर पर कराया जा रहा है. लोगों के बीच हैलोजन की गोलियां भी वितरित की जा रही हैं.

बाढ़ पीड़ितों के स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखी जा रही है. पानी उतरने के बाद जलजनित रोगों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य कर्मियों को सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.

बैठक में जिप सदस्य अनुज राय, बीसीएम सुमन कुमार सहित रोगी कल्याण समिति के सदस्य मौजूद रहे.


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