बिहार की बेटी रचेगी इतिहास: नई दिल्ली के प्रतिष्ठित मंच पर भरतनाट्यम का जादू बिखेरेंगी आद्या

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आद्या सिंह

Aadya Singh Samastipur: समस्तीपुर की 15 वर्षीय बेटी आद्या सिंह 23 मई को नई दिल्ली के त्रिवेणी कला संगम में भरतनाट्यम की ‘अरंगेत्रम’ प्रस्तुति देंगी. 12वीं की छात्रा आद्या ने गुरु भवानी अनंतरमन से 9 साल तक शास्त्रीय नृत्य की कड़ी साधना की है. पढ़ें पूरी खबर…

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Aadya Singh Samastipur: समस्तीपुर की 15 वर्षीय बेटी आद्या सिंह ने अपनी कला और प्रतिभा के दम पर जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है. आगामी 23 मई को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक केंद्र ‘त्रिवेणी कला संगम’ में आद्या भरतनाट्यम की भव्य प्रस्तुति देने जा रही हैं. उनकी इस ऐतिहासिक ‘अरंगेत्रम’ प्रस्तुति को लेकर न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे बिहार में गर्व का माहौल है.

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यदि आप कला प्रेमी हैं और इस शानदार सफर के बारे में जानना चाहते हैं, तो आद्या की इस उपलब्धि से जुड़ी खास बातें नीचे पढ़ सकते हैं:

1. त्रिवेणी कला संगम के द्वार पर लगा आद्या का पोस्टर

इस आयोजन की भव्यता और आद्या की उपलब्धि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली के मशहूर त्रिवेणी कला संगम ने अपने मुख्य प्रवेश द्वार पर उनका एक खूबसूरत पोस्टर लगाया है. कला की दुनिया में बेहद प्रतिष्ठित माने जाने वाले इस मंच के गेट पर जगह पाना किसी भी युवा कलाकार के लिए एक सुनहरे सपने के सच होने जैसा है.

2. ‘अरंगेत्रम’ से होगा कला का महासंगम

23 मई की शाम आद्या सिंह अपनी ‘अरंगेत्रम’ प्रस्तुति देंगी. शास्त्रीय नृत्य की दुनिया में ‘अरंगेत्रम’ को नृत्यांगना की दीक्षा का सबसे अहम पड़ाव माना जाता है. यह वह पल होता है जब वर्षों की तपस्या के बाद गुरु अपने शिष्य को सार्वजनिक मंच पर उतरने की अनुमति देते हैं. आद्या अपनी इस प्रस्तुति से शास्त्रीय नृत्य की अद्भुत सुंदरता और कठिन मुद्राओं को जीवंत करेंगी.

3. पढ़ाई के साथ 9 वर्षों की कठिन साधना

  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: आद्या सिंह समस्तीपुर शहर के धरमपुर निवासी राहुल सिंह और सविता किरण की बेटी हैं.
  • कठिन ट्रेनिंग: 12वीं कक्षा की पढ़ाई और बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के बीच, आद्या ने अपनी गुरु भवानी अनंतरमन के कड़े मार्गदर्शन में पिछले 9 वर्षों तक भरतनाट्यम की बारीकियां सीखी हैं.

कला प्रेमियों में खुशी की लहर: शिक्षक मुकेश कुमार मृदुल का कहना है कि आद्या ने यह साबित कर दिया है कि अगर छोटे शहरों की बेटियों में उड़ान भरने का हौसला हो, तो आसमान भी छोटा पड़ जाता है. इस उपलब्धि पर जिले के सभी नागरिकों ने आद्या को शुभकामनाएं दी हैं.

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