महर्षि वशिष्ठ और मंडन मिश्र की तपोभूमि में भक्ति का ज्वार! सहरसा के उग्रतारा मंदिर में महाआरती व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

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फोटो - मेला सत्र का उद्घाटन करते विधायक व मुखिया फोटो - हवन करते सप्तशती पाठक फोटो - उग्रतारा मंदिर में महाआरती में श्रद्धालुओं की भीड़ | Prabhat Khabar Network

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उग्रतारा मंदिर में शारदीय नवरात्र का समापन हवन, तर्पण और मार्जन के साथ हुआ. हजारों भक्तों ने देवी को छाग बलि अर्पित की. सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समां बांधा.

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Saharsa Mahishi Ugratara Mandir News: तंत्र, ज्ञान और सनातन आस्था के केंद्र सहरसा जिले के महिषी स्थित उग्रतारा मंदिर में इस बार शारदीय नवरात्र का उल्लास चरम पर रहा. 11 दिनों तक चले इस भक्ति के महाकुंभ का मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, तर्पण और मार्जन के साथ भव्य समापन हुआ. बुद्ध और महर्षि वशिष्ठ की तपोभूमि तथा महान दार्शनिक मंडन मिश्र की जन्मस्थली महिषी में पूरा माहौल मां उग्रतारा के जयकारों से गुंजायमान रहा.

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महानवमी पर हजारों श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित की गई छाग बलि से लेकर विजयादशमी की देर शाम महिलाओं के लिए की गई विशेष व्यवस्था तक, इस बार की नवरात्र पूजा श्रद्धालुओं के लिए एक न भूलने वाला अनुभव बन गई.

तीन महाशक्तियों का दिव्य स्वरूप: जानिए क्यों उग्रतारा मंदिर में उमड़ता है आस्था का जनसैलाब

महिषी स्थित उग्रतारा स्थान कोई साधारण मंदिर नहीं, बल्कि सिद्ध शक्तिपीठों में अपना एक विशेष स्थान रखता है. यहां मां भगवती महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के समन्वित दिव्य स्वरूप में विराजती हैं. यही कारण है कि नवरात्र के पहले दिन यानी प्रतिपदा से लेकर विजयादशमी तक दूर-दूर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने माता का जलाभिषेक किया और अपने परिवार की सुख-शांति तथा मनोकामना पूर्ति के लिए आशीर्वाद मांगा.

इस पावन अवसर पर मंदिर से सटे वशिष्ठ आश्रम में संपूर्ण सृष्टि, जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के कल्याण की भावना के साथ आयोजित दुर्गा सप्तशती पाठ का भी समापन हुआ. मंडन मिश्र के वंशजों द्वारा दिन-रात सस्वर किए जा रहे दुर्गा सप्तशती के बीज मंत्रों के पाठ से पूरा इलाका अलौकिक ऊर्जा और भक्ति भाव से सराबोर रहा.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाई मेले की रंगत: जानिए किसने किया उद्घाटन और क्या रहा खास

वर्ष 2012 में उग्रतारा सांस्कृतिक महोत्सव की नींव पड़ने के बाद से इस ऐतिहासिक मेले की रंगत और अधिक निखर गई है. उग्रतारा नाट्य कला परिषद के सौजन्य से मंदिर परिसर में हर दिन एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन किए गए.

सप्तमी के दिन जहां माता भवानी को 56 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग लगाया गया, वहीं अष्टमी की शाम भव्य महाआरती और सुरीली भजन संध्या का आयोजन हुआ जिसमें हजारों श्रद्धालु भक्ति में झूमते दिखे. नवमी की सांस्कृतिक संध्या में जनक नंदिनी ठाकुर और उनकी टीम ने अपनी नृत्य व गायन की प्रस्तुतियों से समां बांध दिया. मेले के इस रंगारंग सांस्कृतिक सत्र का औपचारिक उद्घाटन सिमरी बख्तियारपुर के विधायक संजय कुमार सिंह ने फीता काटकर किया, जिसमें स्थानीय मुखिया और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे.

महानवमी पर हजारों छाग बलि और विजयादशमी की अनूठी व्यवस्था: जानिए मंदिर प्रबंधन का कदम

महानवमी के पावन दिन महिषी में श्रद्धालुओं की अपार श्रद्धा का नजारा देखने को मिला. अपनी मन्नतें पूरी होने पर हजारों श्रद्धालुओं ने मां उग्रतारा के चरणों में छाग बलि अर्पित की और संतान व परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. बलि प्रदान के दौरान पूरा मंदिर परिसर मां तारा के गगनभेदी जयकारों से गूंजता रहा.

वहीं विजयादशमी के दिन भी सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा, जहां लोगों ने जयंती अर्पित कर माता का आशीर्वाद लिया. विजयादशमी की देर शाम मंदिर परिसर में स्थानीय और ग्रामीण महिलाओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर और मेला प्रबंधन ने एक अनूठी पहल की. महिलाओं की सुरक्षा, सहज दर्शन और निजता को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में पुरुषों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई. इस व्यवस्था की सराहना दूर-दूर से आई महिला श्रद्धालुओं ने की.

स्थानीय प्रभाव और ऐतिहासिक विरासत: जानिए महिषी के लिए क्यों संजीवनी बना यह मेला

महिषी का यह 11 दिवसीय नवरात्र उत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था, कला और ऐतिहासिक पहचान को भी नया जीवन देता है. दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण स्थानीय दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और लोक कलाकारों को बड़ा रोजगार मिलता है.

प्रशासनिक स्तर पर मेला क्षेत्र में सुरक्षा, साफ-सफाई और भीड़ नियंत्रण के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए थे. 11 दिनों तक चले इस भक्तिमय माहौल, हवन की सुगंध और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने महिषी को एक बार फिर सनातन संस्कृति और मिथिलांचल की अध्यात्म चेतना का सबसे बड़ा केंद्र साबित कर दिया है.

फोटो - मेला सत्र का उद्घाटन करते विधायक व मुखिया फोटो - हवन करते सप्तशती पाठक फोटो - उग्रतारा मंदिर में महाआरती में श्रद्धालुओं की भीड़ | Prabhat Khabar Network
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