सत्तरकटैया: सहरसा उप शाखा नहर पर 1978 का जर्जर पुल बना जानलेवा, नए पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन
नहर पर पुल निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण | Prabhat Khabar Network
सहरसा उप शाखा नहर पर 1978 का जर्जर पुल राहगीरों के लिए जानलेवा बन गया है. ध्वस्त रेलिंग और साइडर के कारण हो रहे हादसों से परेशान ग्रामीणों ने नए पुल निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.
सहरसा जिले के सत्तरकटैया प्रखंड अंतर्गत सहरसा उप शाखा नहर (आरडी नं. 211) पर सत्तर टोला सिमराही के पास वर्ष 1978 में निर्मित पुल अत्यंत जर्जर हो चुका है. दोनों तरफ के रेलिंग व साइडर पूरी तरह ध्वस्त हो जाने के कारण यह पुल राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. पुल से दिन-रात लोगों और मवेशियों की भारी आवाजाही होती है. आए दिन हो रहे हादसों और जान-माल के खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने राजद नेताओं के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन किया और प्रशासन से अविलंब नए पुल के निर्माण की मांग की.
दो प्रमुख मार्गों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क सेतु
यह पुल क्षेत्र की प्रमुख लाइफलाइन माना जाता है:
- सड़कों का जुड़ाव: इस पुल से होकर गुजरने वाली पक्की सड़क पूरब दिशा में सहरसा-हरदी पथ तथा पश्चिम दिशा में बिहरा बाजार के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 327E) को जोड़ती है.
- हादसों का सबब: साइडर और सुरक्षा दीवार टूट जाने के कारण अब तक कई बाइक सवार, ट्रैक्टर चालक तथा मवेशी अनियंत्रित होकर नीचे नहर के गहरे पानी में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं.

जर्जर पुल हटाने के लिए सिंचाई विभाग व जनप्रतिनिधियों से गुहार
प्रदर्शनकारियों ने जल संसाधन (सिंचाई) विभाग, पुल निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) तथा स्थानीय सांसद व विधायक से समय रहते ठोस कदम उठाने की अपील की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही नए पुल का निर्माण शुरू नहीं कराया गया तो कभी भी कोई बड़ा जानलेवा हादसा घट सकता है.
प्रदर्शन में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
राजद के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष सुकुमार यादव व स्थानीय ग्रामीण मनीजर यादव के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में राजद प्रखंड अध्यक्ष मनोज यादव, विष्णुदेव यादव, शत्रुघ्न यादव, जयराम शर्मा, मेकश्वर शर्मा, कन्हाय यादव, दीप नारायण यादव, अरुण यादव, महादेव सुतिहार, चनो यादव, सचिन्द्र कुमार सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे.
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