216 फीट के कांवर पर दिखेगा देशभर के मंदिरों का नजारा, 3 सितंबर से शुरू होगी यात्रा, 6 को बाबा मटेश्वरनाथ का विशेष जलाभिषेक
फोटो : कांवर निर्माण का जायजा लेते पूर्व विधायक | Prabhat Khabar Network
बाबा मटेश्वर धाम में भाद्र मास के दूसरे रविवार को होने वाले विशेष जलाभिषेक की तैयारियां जोरों पर हैं. इस बार 216 फीट लंबे विशाल कांवर का निर्माण किया जा रहा है, जिस पर जगन्नाथपुरी, कोणार्क सूर्य मंदिर, विष्णुपद मंदिर सहित देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की झलक दिखाई देगी. 3 सितंबर से शुरू होने वाली इस यात्रा का समापन 6 सितंबर को विशेष जलाभिषेक के साथ होगा.
Baba Mateshwar Dham Kanwar Yatra: बाबा मटेश्वर धाम में भाद्र मास के दूसरे रविवार को होने वाले विशेष जलाभिषेक की तैयारियां तेज हो गयी हैं. इस बार बाबा मटेश्वरनाथ के दरबार में श्रद्धालुओं को सिर्फ भव्य कांवर यात्रा ही नहीं, बल्कि देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की झलक भी देखने को मिलेगी. आयोजन के लिए 216 फीट लंबे विशाल कांवर का निर्माण कराया जा रहा है, जिसे विशेष थीम पर सजाया जा रहा है.
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कांवर पर जगन्नाथपुरी से लेकर कोणार्क सूर्य मंदिर, विष्णुपद मंदिर गया, महावीर मंदिर पटना और बाबा बैद्यनाथ धाम समेत देश के कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की प्रतिकृतियां नजर आएंगी. कांवर के निर्माण और सजावट को अंतिम रूप देने में सुल्तानगंज से पहुंचे करीब आधा दर्जन कुशल कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं.
इसी तैयारियों का जायजा लेने सिमरी बख्तियारपुर के पूर्व विधायक डॉ. अरुण कुमार यादव समेत जनप्रतिनिधि और आयोजन से जुड़े लोग निर्माण स्थल पहुंचे.
पूर्व विधायक ने देखा 216 फीट कांवर का निर्माण
पूर्व विधायक डॉ. अरुण कुमार यादव, प्रमुख शबनम कुमारी, मुखिया संजीव जायसवाल, मुन्ना भगत सहित अन्य लोगों ने 216 फीट लंबे विशाल कांवर के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया.
उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली. साथ ही कांवर को आकर्षक रूप देने में जुटे कारीगरों से सजावट और कलाकारी के बारे में जानकारी ली.
आयोजन से जुड़े सदस्यों ने पूर्व विधायक को कांवर यात्रा की पूरी रूपरेखा और अब तक की तैयारियों से अवगत कराया. बताया गया कि वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा के तहत इस बार विशाल कांवर का नये सिरे से निर्माण कराया जा रहा है.
आयोजन समिति के अनुसार इस बार कांवर को पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक भव्य और आकर्षक बनाने की कोशिश की जा रही है.
कांवर पर दिखेगी देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की झलक
इस बार विशाल कांवर को एक विशेष धार्मिक थीम पर तैयार किया जा रहा है. डाक एवं कांवरिया संघ, मटेश्वर धाम के सदस्यों के अनुसार कांवर पर देश के प्रसिद्ध मंदिरों और धार्मिक स्थलों की आकर्षक प्रतिकृतियां बनायी जाएंगी.
इसमें जगन्नाथपुरी, कोणार्क सूर्य मंदिर, विष्णुपद मंदिर गया, महावीर मंदिर पटना, बाबा बैद्यनाथ धाम, वैष्णो देवी मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर के साथ बाबा मटेश्वर धाम की भी झलक देखने को मिलेगी.
कांवर के अलग-अलग हिस्सों में कारीगर बारीक कलाकारी और सजावट कर रहे हैं. उद्देश्य इसे केवल एक कांवर तक सीमित रखने के बजाय धार्मिक और सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र बनाना है.
निर्माण पूरा होने के बाद 216 फीट लंबा यह कांवर श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने की उम्मीद है.
3 सितंबर को सिमरी बख्तियारपुर से निकलेंगे कांवरिया
विशेष जलाभिषेक के लिए कांवर यात्रा की शुरुआत 3 सितंबर से होगी. इस दिन कांवरिया सिमरी बख्तियारपुर से राजघाट, मुंगेर के लिए रवाना होंगे.
4 सितंबर को राजघाट में पूजा-अर्चना के बाद गंगाजल भरा जाएगा. इसके बाद 216 फीट लंबे विशाल कांवर के साथ पदयात्रा शुरू होगी.
कांवरिया निर्धारित मार्ग से बाबा मटेश्वर धाम की ओर आगे बढ़ेंगे. यात्रा के दौरान खगड़िया में करीब दो घंटे का विश्राम होगा. इसके बाद कांवरिया मानसी पहुंचेंगे, जहां रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गयी है.
मानसी में कांवरियों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा.
मानसी से मां कात्यायनी स्थान तक होगा अगला पड़ाव
5 सितंबर को कांवरिया मानसी से अगले पड़ाव के लिए रवाना होंगे. यात्रा के दौरान मां कात्यायनी स्थान पहुंचकर पूजा-अर्चना की जाएगी.
यहां कुछ समय विश्राम करने के बाद कांवरिया आगे की यात्रा शुरू करेंगे. इसके बाद रात में 216 फीट के विशाल कांवर के साथ कांवरिया सिमरी बख्तियारपुर हाई स्कूल मैदान पहुंचेंगे.
हाई स्कूल मैदान में कांवरियों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था बोल बम सेवा समिति के अध्यक्ष शंकर भगत के नेतृत्व में की जाएगी. श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन होगा.
कांवर यात्रा को लेकर संबंधित समितियों की ओर से आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं.
6 सितंबर को बाबा मटेश्वरनाथ का होगा विशेष जलाभिषेक
कांवर यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव 6 सितंबर होगा. सुबह पूजा-अर्चना के बाद कांवरिया हाई स्कूल मैदान से बाबा मटेश्वर धाम के लिए पदयात्रा शुरू करेंगे.
निर्धारित मार्ग से होते हुए श्रद्धालु 216 फीट के विशाल कांवर के साथ बाबा मटेश्वर धाम पहुंचेंगे. इसके बाद भाद्र मास के दूसरे रविवार के अवसर पर पवित्र गंगाजल से बाबा मटेश्वरनाथ के शिवलिंग का विधि-विधान से जलाभिषेक किया जाएगा.
विशेष जलाभिषेक में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसे देखते हुए आयोजन समिति की ओर से कांवरियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं.
शाम को होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम
विशेष जलाभिषेक के बाद शाम में बाबा मटेश्वर धाम परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा.
आयोजकों के मुताबिक इस बार 216 फीट के विशाल कांवर के साथ यात्रा की भव्यता और बढ़ने वाली है. कांवर पर बनायी जा रही देशभर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की प्रतिकृतियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेंगी.
Baba Mateshwar Dham Kanwar Yatra: इस बार की कांवर यात्रा क्यों होगी खास?
बाबा मटेश्वर धाम की कांवर यात्रा वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा का हिस्सा है. लेकिन इस बार 216 फीट के विशाल कांवर को विशेष धार्मिक थीम पर तैयार किया जा रहा है.
एक ही कांवर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित प्रसिद्ध मंदिरों की झलक श्रद्धालुओं को देखने को मिलेगी. इससे यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विविधता की झलक भी दिखाई देगी.
अब श्रद्धालुओं की नजर 6 सितंबर पर है, जब विशाल कांवर के साथ कांवरिया बाबा मटेश्वरनाथ के दरबार पहुंचेंगे और पवित्र गंगाजल से शिवलिंग का विशेष जलाभिषेक करेंगे.
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