चुनावी सुगबुगाहट के बीच शुरू हुआ जुगाड़ का खेल

Published at :17 Jan 2017 4:40 AM (IST)
विज्ञापन
चुनावी सुगबुगाहट के बीच शुरू हुआ जुगाड़ का खेल

नगर परिषद की जंग सहरसा : आरक्षण रोस्टर प्रकाशित होने के साथ ही नगर परिषद चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है. बरसाती मेढ़क की तरह गली-गली में संभावित व भावी प्रत्याशी का पद धारण किये लोग जन संपर्क साधने में लगे हुए हैं. प्रत्याशियों की बढ़ी बैचेनी का फायदा मोहल्ले के तथाकथित वोट के […]

विज्ञापन

नगर परिषद की जंग

सहरसा : आरक्षण रोस्टर प्रकाशित होने के साथ ही नगर परिषद चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है. बरसाती मेढ़क की तरह गली-गली में संभावित व भावी प्रत्याशी का पद धारण किये लोग जन संपर्क साधने में लगे हुए हैं. प्रत्याशियों की बढ़ी बैचेनी का फायदा मोहल्ले के तथाकथित वोट के ठेकेदार जमकर उठा रहे हैं. हमेशा से चुनाव के मौके पर ऐसे ठेकेदारों की डिमांड रहती है. लेकिन इस बार कुछ जल्दी ही इनके अच्छे दिनों की शुरुआत हो गयी है. पहले शाम में दारू पार्टी के समय वोट खिसकाने व जोड़ने के दावे किये जाते थे. अब शराबबंदी के बाद दिन में भी प्रबंध हो जाये तो विरोधी प्रत्याशी की शामत आ जाती है.
हालांकि शराबबंदी के बाद पुलिस के भय से लोग सुरक्षित ठिकाने की तलाश में ही रहते हैं. खास बात यह है कि चुनावी मैदान में भाग्य आजमाने वाले कुछ लोगों की वजह से समाज के निठल्ले टाइप लोगों की कभी ईद तो कभी दीपावली मनने लगी है.
ठंडा बहुत है, मांस का प्रबंध करें: अरे भाई आपकी जीत तो पक्की है….आपके सामने कोई नहीं टिकेगा…दौ सौ वोट हम पॉकेट मे लेकर चलते हैं…सबका वोट बंट जायेगा. लेकिन आपका कुछ नहीं होगा… इस प्रकार के डायलॉग वार्ड के इन छुटभैये व वोट के ठेकेदार द्वारा संभावित प्रत्याशियों को सुना सुना कर ट्रैप करने की कोशिश शुरू हो चुकी है. जब बात जीत तक पहुंच जाती है तो लोग यह कहने से नहीं चूकते हैं कि नेताजी आज ठंड बहुत है…मांस का प्रबंध करें. इस प्रकार के खेल इन दिनों शहर के सभी मोहल्ले में दिन निकलने के साथ शुरू हो जाते हैं.
प्रस्तावक की किल्लत, वोट की मेहनत
नगर परिषद के चुनाव में भाग्य आजमाने वाले कई संभावित प्रत्याशी ऐसे भी हैं, जिन्हें अभी तक नामांकन के लिए प्रस्तावक व समर्थक का जुगाड़ भी नहीं हो सका है. मिली जानकारी के अनुसार ऐसे लोग अभी वोट की चिंता छोड़ प्रस्तावक की तलाश में भटक रहे हैं. उनका मानना है कि प्रस्तावक बनने के लिए सभी तैयार नहीं होते हैं. क्योंकि निकाय के चुनाव में मामला नजदीकी होने की वजह से कोई एक दूसरे से रंजिश नहीं लेना चाहता है.
डमी प्रत्याशी की भी हो रही खोज: वर्तमान पार्षद की नैया पार लगाने व उसे डूबोने दोनों के लिए इन दिनों डमी प्रत्याशी की खोज शुरू हो गयी है. यह वैसे लोग होते हैं जो प्रत्येक चुनाव में तैयारी जोर शोर से करते हैं, लेकिन मतगणना में दो अंक के आंकड़ा को पार नहीं कर पाते हैं. ऐसे भी लोग हैं जो नामांकन तक जनता के बीच सिर्फ हवा बनाते हैं व चुनाव के समय किसी खास प्रत्याशी को अपना समर्थन देकर वफादारी निभाते हैं. डमी प्रत्याशी में हमेशा स्वजातीय प्रत्याशियों पर वोटर भी निगाह बनाये रखते हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन