तिलकुट व शक्कर के सहारे ठंड को मिल रही चुनौती

Published at :12 Dec 2015 6:38 PM (IST)
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तिलकुट व शक्कर के सहारे ठंड को मिल रही चुनौती

तिलकुट व शक्कर के सहारे ठंड को मिल रही चुनौती तिलकुट की होने लगी खरीदारीसर्दी के मौसम में शक्कर पसंद करते हैं लोग प्रतिनिधि, सहरसा नगर मकर संक्रांति से माह भर पूर्व स्थानीय बाजार में तिलकुट की दुकान सर्दी के ठिठुरन में गरमी का अहसास कराने लगी है. गया व कोलकाता में बनने वाले मशहूर […]

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तिलकुट व शक्कर के सहारे ठंड को मिल रही चुनौती तिलकुट की होने लगी खरीदारीसर्दी के मौसम में शक्कर पसंद करते हैं लोग प्रतिनिधि, सहरसा नगर मकर संक्रांति से माह भर पूर्व स्थानीय बाजार में तिलकुट की दुकान सर्दी के ठिठुरन में गरमी का अहसास कराने लगी है. गया व कोलकाता में बनने वाले मशहूर तिलकुट का स्वाद स्थानीय लोगों को चखाने के लिए वहां के ट्रेंड कारीगरों द्वारा बना तिलकुट यहां उपलब्ध है. इसमें अन्य तिलकुटों की अपेक्षा तिल पापरी, अनारकली व रामकटोरी तिलकुट ग्राहकों के बीच आकर्षण का केेंद्र बना हुआ है. खजूर तिलकुट के भी कद्र दान तिलकुट की दुकानों पर अनार कली व रामकटोरी के नाम को सुनना आम बात हो गयी है. ग्राहकों की पसंद के कारण खास्ता क्वालिटी में बने तिलकुट का यह ब्रांड प्रसिद्ध हो गया है. शंकर चौक के तिलकुट विक्रेता प्रशांत कुमार बताते हैं कि इसके अलावा कोलकाता से आने वाले खजूर शक्कर तिलकुट के भी पसंद करने वालों की संख्या कम नहीं हैं. गया के कारीगर बना रहे तिलकुटबाजार में मिलने वाले तिलकुट स्थानीय स्तर पर गया व जमालपुर से आये कारीगरों द्वारा बनाया जा रहा है. सब्जी मंडी स्थित तिलकुट भंडार में आये कारीगर ने बताया कि स्थानीय व्यवसायी के बुलाने पर हमलोग प्रत्येक साल आकर तिलकुट बनाते हैं. करीगर राजा ने कहा कि तिल काे अच्छी तरह भूंज कर चीनी की टोली बनाने के बाद दोनों को मिलाया जाता है, फिर दोनों को कूट कर अलग-अलग आकार में पैक किया जाता है. उन्होंने कहा कि उच्च कोटि के तिलकुट बनाने में कैसर, ईलाइची, खुआ, सौंफ का उपयोग किया जाता है. 50 रुपये किलो है शक्करस्थानीय दहलान चौक का नजारा सर्दी के दिनों में गुड़ मंडी की तरह दिखने लगता है. जिले भर से लोग गुड़ (शक्कर) की खरीदारी के लिए दहलान चौक का ही रूख करते हैं. विक्रेता दिलखुश बताता है कि बेंगहा निर्मित शक्कर 40-50 रुपये किलो तक उपलब्ध है. वही राब शक्कर 35 रुपये किलो की दर से मिलता है. यूपी वाला गमला व बाल्टी स्थानीय बाजार में बेंगहा निर्मित शक्कर के अलावा यूपी ब्रांड शक्कर भी मिल रहा है. दुकानदार बताते हैं कि यूपी का माल बाजार में सीधे पहुंचने के बजाय गुलाबबाग व बिहारीगंज मंडी से पहुंच रहा है. यूपी ब्रांड शक्कर गमला व बाल्टी के आकार में पैक रहता है. फोटो- ठंड 7 – बाजार में सजी तिलकुट की दुकानफोटो- ठंड 8 – दहलान चौक पर हो रही शक्कर की बिक्री

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