रेल देगी परिजनों को मुआवजा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :10 Feb 2015 9:38 AM (IST)
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सहरसा नगर: ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के हित में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाये गये फैसले पर स्थानीय लोगों ने अपनी राय दी है. लोगों ने बताया कि कोर्ट ने आमलोगों के हित में फैसला सुनाया है. इसे आगे बढ़ाये जाने की आवश्यकता है. मालूम हो कि अक्सर लोगों को ट्रेन पकड़ने में घबराहट […]
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सहरसा नगर: ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के हित में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाये गये फैसले पर स्थानीय लोगों ने अपनी राय दी है. लोगों ने बताया कि कोर्ट ने आमलोगों के हित में फैसला सुनाया है. इसे आगे बढ़ाये जाने की आवश्यकता है. मालूम हो कि अक्सर लोगों को ट्रेन पकड़ने में घबराहट होती है. ट्रेन छूटने का डर उन्हें टेंशन देता है. लोग जब तक ट्रेन न पकड़ लें, उनका मेंटल प्रेशर बना होता है.
परिवार को मिलेगा मुआवजा
प्लेटफॉर्म से छूटती ट्रेन को पकड़ने की कोशिश के दौरान हार्ट अटैक से व्यक्ति की मौत पर बड़ा फैसला सुनाया गया है. देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने ट्रेन पकड़ने की कोशिश के दौरान हार्ट अटैक से हुई व्यक्ति की मौत पर भारतीय रेलवे को उसके परिवार को मुआवजा देने का फैसला सुनाया है. कोर्ट के इस फैसले के मुताबिक रेलवे को तमिलनाडु के दुरई सोमनाथन के परिजनों को चार लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की याचिका खारिज कर यह अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट के फैसले ने सरकार की दलील को भी दरकिनार कर दिया है.
ट्रेन दुर्घटना का मिले मुआवजा
स्थानीय लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की है. संजय साह कहते है कि ट्रेन हादसे के शिकार लोगों के परिजनों को भी मुआवजा मिले. राजेश सिंह कहते है कि रेलवे को भी प्लेटफॉर्म से ट्रेन का परिचालन प्रारंभ करते समय मेट्रो तकनीक को अपनाना चाहिए, जिससे इस प्रकार के हादसे को रोका जा सके.
क्या था मामला
चार मार्च 2008 में सोमनाथन ने डिंडीगुल जंकशन से तमिलनाडु के कुंभकोणम जाने के लिए टिकट लिया था, लेकिन गलती से वह गलत ट्रेन में बैठ गया था. जब उसे इस बात का पता चला कि वह गलत ट्रेन में बैठ गया है तो वह झट-पट ट्रेन से उतरने की कोशिश करने लगा. तब तक ट्रेन प्लेटफॉर्म से चलने लगी थी. सोमनाथन चलती ट्रेन से उतर गये थे, लेकिन उनकी पत्नी और बच्चे नहीं उतर पाये. ऐसे में पत्नी और बच्ची को ट्रेन से उतारने के लिए सोमनाथन चलती ट्रेन के साथ दौड़ने लगे थे और इसी दौरान हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गयी थी.
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