अनोखा मंदिर जहां एक साथ विराजमान हैं भोलेनाथ और हनुमानजी, उमड़ती है श्रद्धालुओं की भारी भीड़

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मंदिर | Prabhat Khabar Network

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पूर्णिया के रामबाग रोड पर स्थित यह अनोखा मंदिर भोलेनाथ और हनुमानजी के एक साथ विराजमान होने के कारण आस्था का प्रमुख केंद्र है. विशेष दिनों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और त्योहारों पर मेले जैसा माहौल रहता है. यह सिद्ध पीठ सच्ची श्रद्धा से मांगी गई मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए जाना जाता है.

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पूर्णिया शहर में एक ऐसा अनूठा और पवित्र धाम है, जहां भगवान भोलेनाथ और संकटमोचन हनुमानजी एक ही परिसर में एक साथ विराजमान हैं. पूरे जिले और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के लिए यह मंदिर अगाध आस्था और अटूट विश्वास का केंद्र बना हुआ है. इस मंदिर में जहां सप्ताह के प्रत्येक सोमवार को भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने भीड़ उमड़ती है, वहीं मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी का विशेष दरबार सजता है.

बरगद के विशाल पेड़ के नीचे स्थित है सिद्ध पीठ

शहर के प्रमुख व्यावसायिक इलाके लाइन बाजार स्थित रामबाग रोड में एक विशाल बरगद के पेड़ के नीचे यह शिव मंदिर परिसर अवस्थित है. इसी परिसर में भगवान हनुमान की दिव्य प्रतिमा भी प्रतिष्ठापित है.

धार्मिक मान्यता है कि इस पावन स्थल पर सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना और मन्नत को भगवान हनुमान और बाबा भोलेनाथ अवश्य पूरा करते हैं. इसी विश्वास के साथ दूर-दूर से भक्त अपनी फरियाद लेकर यहां पहुंचते हैं.

विशेष दिनों पर सजती है भक्तों की कतार

मंदिर में वैसे तो प्रतिदिन पूजा-अर्चना होती है, लेकिन विशेष दिवसों पर माहौल पूरी तरह शिव-राम मय हो जाता है:

  • सोमवार: भगवान भोलेनाथ का विशेष जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया जाता है.
  • मंगलवार और शनिवार: महावीर हनुमानजी का विशेष श्रृंगार, चालीसा पाठ और महाआरती का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष श्रद्धालु भाग लेते हैं.

त्योहारों पर लगता है भव्य मेला

स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, श्री रामनवमी और हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर यहाँ विशाल धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता है. इस दौरान 24 घंटे का सुंदरकांड पाठ, अष्टयाम और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है.

इन त्योहारों के अवसर पर केवल लाइन बाजार ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्णिया शहर से लोग सपरिवार दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे मंदिर परिसर में मेले जैसा भव्य दृश्य दिखाई देता है. रामबाग रोड स्थित यह पावन स्थल आज पूर्णिया की धार्मिक पहचान बन चुका है.


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अखिलेश चंद्रा

लेखक के बारे में

By अखिलेश चंद्रा

अखिलेश चंद्रा प्रिंट माध्यम में 30 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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