रोजगार मेले के बाद अब पूर्णिया की बेटियों को AI से लैस करने की तैयारी, सैकड़ों ने कराया रजिस्ट्रेशन

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लोगों को संबोधित करते सांसद पप्पू यादव | Prabhat Khabar Network

पूर्णिया की बेटियां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में कदम रखने को तैयार हैं. सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की पहल पर शुरू हो रहे AI प्रशिक्षण कार्यक्रम में सैकड़ों युवतियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. यह पहल बेटियों को भविष्य के रोजगार के लिए तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगी.

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पूर्णिया : रोजगार के अवसर बढ़ाने के बाद अब पूर्णिया की बेटियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीक से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गयी है. सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के सौजन्य से प्रस्तावित AI प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए अब तक सैकड़ों युवतियां पंजीयन करा चुकी हैं. कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र की बेटियों को बदलते रोजगार बाजार और डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुरूप तकनीकी कौशल से लैस करना है.

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घर बैठे सीखेंगी AI का हुनर

प्रस्तावित प्रशिक्षण में चयनित प्रतिभागियों को ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जा रहा है. इससे पूर्णिया शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की युवतियां भी घर बैठे आधुनिक तकनीक सीख सकेंगी.

प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और रोजगार, स्वरोजगार एवं फ्रीलांसिंग के अवसरों से जुड़ने के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की भी योजना है.

जनरेटिव AI से प्रोग्रामिंग तक की तैयारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनरेटिव AI, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, प्रोग्रामिंग, AI ऑटोमेशन, डिजिटल एवं सोशल मीडिया समेत AI आधारित विभिन्न अनुप्रयोगों की जानकारी देने की तैयारी है.

सांसद पप्पू यादव ने कहा कि AI अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है. शिक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार, मीडिया, डिजिटल मार्केटिंग, डेटा विश्लेषण और कार्यालयी कार्यों समेत लगभग हर क्षेत्र में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में युवाओं को AI की जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण देना भविष्य के रोजगार के लिए जरूरी है.

‘रोजगार तलाशने वाले नहीं, अवसर पैदा करने वाले बनें युवा’

सांसद ने कहा कि पूर्णिया के युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार के नये अवसर पैदा करने वाला बनाना जरूरी है. रोजगार मेले के जरिये कंपनियों तक युवाओं को पहुंचाने के बाद अब AI जैसे भविष्य के कौशल से जोड़ना अगला महत्वपूर्ण कदम है.

कार्यक्रम के जरिए खास तौर पर बेटियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता के नये अवसरों से जोड़ने की तैयारी की जा रही है.

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