सावधान! आपकी रजिस्ट्री के कागजात से खाली हो सकता है बैंक खाता; पूर्णिया में 8 फिंगरप्रिंट डिवाइस के साथ पकड़े गए हाईटेक चोर
फोटो - गिरफ्तार अभियुक्त को जेल भेजते | Prabhat Khabar Network
पूर्णिया में एक हाईटेक साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो जमीन रजिस्ट्री के कागजात से डिजिटल फिंगरप्रिंट चुराकर बैंक खातों से पैसे उड़ाता था। पुलिस ने 8 बायोमेट्रिक स्कैनर और मोबाइल के साथ दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पूर्णिया. अमौर थाना क्षेत्र के पिपरा गांव में पुलिस ने डिजिटल फिंगरप्रिंट के जरिये लोगों के बैंक खातों से अवैध निकासी करने वाले साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने छापेमारी कर दो साइबर अपराधियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है, जबकि उनके कुछ साथी मौके से फरार हो गए. गिरफ्तार आरोपितों के पास से दो एंड्रॉइड मोबाइल और आठ डिजिटल मंत्रा बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर डिवाइस बरामद किए गये हैं.
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गुप्त सूचना पर राहुल के घर हुई छापेमारी
अमौर थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि थाना के सहायक अवर निरीक्षक रंजन कुमार को सूचना मिली थी कि पिपरा गांव में राहुल कुमार के घर पर कुछ लोग डिजिटल फिंगरप्रिंट के माध्यम से साइबर फ्रॉड कर रहे हैं. सूचना के बाद थानाध्यक्ष के निर्देश पर एएसआई रंजन कुमार, एएसआई सरफराज आलम और पुलिस बल की टीम ने राहुल कुमार के मकान की घेराबंदी कर छापेमारी की.
पुलिस को देखते ही भागने लगे आरोपी, दो गिरफ्तार
पुलिस टीम को देखते ही कमरे में मौजूद लोग भागने लगे. पुलिसकर्मियों ने पीछा कर दो लोगों को पकड़ लिया. गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पिपरा गांव निवासी 25 वर्षीय राहुल कुमार और 30 वर्षीय कमलेश कुमार विश्वास के रूप में हुई है. पुलिस ने कमरे की तलाशी के दौरान दो एंड्रॉइड मोबाइल और आठ डिजिटल मंत्रा बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर डिवाइस जब्त किए.
केवाला से फिंगरप्रिंट डेटा चुराने का आरोप
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने कथित तौर पर बताया कि वे जमीन की रजिस्ट्री यानी केवाला आदि में इस्तेमाल किए गए फिंगरप्रिंट को स्कैन कर बायोमेट्रिक डेटा हासिल करते थे. इसके बाद मंत्रा डिवाइस के माध्यम से फर्जी तरीके से लोगों के बैंक खातों से रुपये निकालने या ट्रांसफर करने का काम किया जाता था.
मोबाइल जांच में 3200 रुपये के लेनदेन का मैसेज
पुलिस के अनुसार जब्त मोबाइल की जांच में 26 अगस्त को खाते में 3,200 रुपये के क्रेडिट और निकासी से संबंधित मैसेज मिले हैं. इसके अलावा मोबाइल से बायोमेट्रिक फ्रॉड से जुड़े कई अन्य साक्ष्य मिलने की बात पुलिस ने कही है. पुलिस अब इन साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है.
आईटी एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
मामले में अमौर थाना कांड संख्या 371/26 दर्ज किया गया है. पुलिस ने विभिन्न सुसंगत धाराओं और आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार दोनों आरोपितों को जेल भेज दिया है. पुलिस फरार अन्य आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
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