1. home Home
  2. state
  3. bihar
  4. patna
  5. raid simultaneously on three bases of suspended mvi of bhojpur update news bihar rjs

बालू अवैध खनन: भोजपुर के सस्पेंड MVI के तीन ठिकानों पर एक साथ रेड, 44 हजार घूस लेते भी हो चुके हैं गिरफ्तार

आर्थिक अपराध शाखा (EOU) की टीम ने गुरुवार को भोजपुर जिले के सस्पेंड मोटर व्हिकल इंस्पेक्टर (MVI) विनोद कुमार के तीन ठिकानों पर छापेमारी कर दी है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
भोजपुर जिले के सस्पेंड मोटर व्हिकल इंस्पेक्टर (MVI) विनोद कुमार के पटना स्थित घर के बाहर खड़ी पुलिस
भोजपुर जिले के सस्पेंड मोटर व्हिकल इंस्पेक्टर (MVI) विनोद कुमार के पटना स्थित घर के बाहर खड़ी पुलिस
प्रभात खबर

आर्थिक अपराध शाखा (EOU) की टीम ने गुरुवार को भोजपुर जिले से सस्पेंड मोटर व्हिकल इंस्पेक्टर (MVI) विनोद कुमार के तीन ठिकानों पर छापेमारी कर दी है. बालू के अवैध खनन से जुड़ा हुआ यह मामला बताया जाता है. रेड पटना के रुपसपुर थाना के धनौत इलाके में स्थित शांति इन्क्लेव अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 204 में हुई है. यहां पर ही विनोद अपने परिवार के साथ रहते हैं. इसको साथ ही आर्थिक अपराध शाखा (EOU)ने उनके पुश्तैनी घर बक्सर जिले के नवानगर और आरा के आनंद नगर के मोतीझील क्षेत्र छापेमारी की है. इनके ऊपर सारण, बांका, अरवल में MVI रहते अकूत संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं. सस्पेंड मोटर व्हिकल इंस्पेक्टर (MVI) विनोद कुमार को निगरानी की टीम ने 2016 में 44 हजार रुपए घूस लेते रंगे हाथ भी गिरफ्तार किया था.

ADG नैयर हसनैन खान के निर्देश पर गुरुवार को भोजपुर जिले से सस्पेंड मोटर व्हिकल इंस्पेक्टर (MVI) विनोद कुमार के तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी हुई है. आर्थिक अपराध शाखा (EOU) की टीम इनके तीनों ही ठिकानों को खंगाला रही है और अर्जित की गई चल-अचल संपत्ति के डिटेल्स भी निकाले जा रहे हैं। कब, कहां जमीन खरीदी? किन-किन जगहों पर रुपयों का इंवेस्टमेंट किया? इसके बारे में पता लगाया जा रहा है.

माफियाओं को मदद पहुंचाने का आरोप

दरअसल, विनोद कुमार पर आरोप है कि उन्होंने भोजपुर के MVI पद पर रहते हुए बालू माफियाओं को मदद पहुंचाया है. अवैध रूप से हर दिन हर एक ट्रक पर बालू की ओवर लोडिंग करवाया है. उनपर आरोप है कि पूरा मामला संज्ञान में रहने के बावजूद उन्होंने इस दिशा में कोई कार्वाई नहीं की थी. उनकी सहमति से ही ओवरलोडिंग का काम चलता था. इसी कारण उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की.

इसके कारण सरकार को आर्थिक तौर पर राजस्व का नुकसान होता रहा और विनोद कुमार बालू माफियाओं के जरिए काली कमाई करते रहे. उनके खिलाफ काफी सारे कंप्लेन मिलने के बाद राज्य सरकार ने इनके खिलाफ भी जांच करवाई थी. जो कि सही पाया गया.बालू के अवैध खनन से की गई काली कमाई के मामले में EOU ने MVI से पहले डेहरी ऑन सोन के सस्पेंडेड SDM और दो डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है.

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें