हिंदी भवन में दूसरे सरकारी विभागों के कार्यालय होंगे शिफ्ट

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नये कलेक्ट्रेट भवन के तैयार होने पर हिंदी भवन में स्थित कार्यालयों को खाली किया जा रहा है. विभिन्न कार्यालयों की फाइलों व तकनीकी सामग्रियों को नये कलेक्ट्रेट भवन में पहुंचाया जा रहा है.

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संवाददाता,पटना

नये कलेक्ट्रेट भवन के तैयार होने पर हिंदी भवन में स्थित कार्यालयों को खाली किया जा रहा है. विभिन्न कार्यालयों की फाइलों व तकनीकी सामग्रियों को नये कलेक्ट्रेट भवन में पहुंचाया जा रहा है. इस माह के अंत तक हिंदी भवन के खाली होने की संभावना है. जानकारी के अनुसार हिन्दी भवन के खाली होने पर ऐसे सरकारी कार्यालय जो भाड़े के मकान या सरकारी आवास से संचालित हो रहे हैं, उन सरकारी कार्यालयों को हिंदी भवन में शिफ्ट किये जाने की संभावना है. इसके लिए भवन निर्माण विभाग की ओर से सरकारी कार्यालयों को अलॉट किया जायेगा. सूत्र ने बताया कि हिन्दी भवन के पूरी तरह से खाली होने पर पहले उसका मेंटेनेंस किया जायेगा. रंग-रोगन का काम होने के बाद सरकारी कार्यालय इसमें शिफ्ट होंगे. हिन्दी भवन का मेंटेनेंस की देखरेख भवन निर्माण विभाग के पटना सेंट्रल डिविजन से हो रहा है.

साहित्यकार पद्मश्री फणीश्वर नाथ रेणु के नाम पर था हिंदी भवन : हिंदी के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए राजधानी पटना में हिंदी भवन का निर्माण हुआ था. पूर्व राज्य सभा सदस्य प्रो जाबिर हुसैन ने वर्ष 2003 में राजभाषा समिति की बैठक में अपनी फंड से राशि देने का फैसला किया था. हिंदी भवन का निर्माण 2007 में पूरा हुआ था. इसका नाम सुप्रसिद्ध साहित्यकार पद्मश्री फणीश्वर नाथ रेणु के नाम पर रखा गया. पहले इसे चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान को दिया गया. बाद में वर्ष 2017 में पटना कलेक्ट्रेट का कार्यालय शिफ्ट हुआ. अब खाली होने के बाद इसमें सरकारी कार्यालयों को अलॉट करने की याेजना है.

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