IIT Patna में पांच साल में बीटेक प्रोग्राम 9 से बढ़कर 32 हुए, 2008 में तीन प्रोग्राम से शुरू हुआ था संस्थान
आईआईटी पटना
IIT पटना ने स्थापना के बाद शिक्षा और संसाधनों के विस्तार में अभूतपूर्व प्रगति की है। 2008 में 3 बीटेक प्रोग्राम और 92 छात्रों के साथ शुरू हुआ यह संस्थान आज 32 बीटेक प्रोग्राम और 4,347 छात्रों का संचालन कर रहा है।
IIT Patna : (बिहटा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना ने स्थापना के बाद शिक्षा और संसाधनों के विस्तार के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है. वर्ष 2008 में महज तीन बीटेक प्रोग्राम और 92 विद्यार्थियों के साथ शुरू हुआ संस्थान अब 32 बीटेक प्रोग्राम संचालित कर रहा है. विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़कर 4,347 हो गई है. यानी स्थापना वर्ष की तुलना में छात्र संख्या करीब 44 गुना बढ़ी है.
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पांच वर्षों में बीटेक कार्यक्रमों की संख्या में बड़ा विस्तार
आईआईटी पटना के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में संस्थान में नौ बीटेक, छह एमटेक और तीन एमएससी प्रोग्राम संचालित थे. वर्ष 2024 तक बीटेक प्रोग्राम की संख्या बढ़कर 32 और एमटेक की संख्या 15 हो गई. वर्ष 2026 में भी संस्थान में 32 बीटेक, 15 एमटेक और तीन एमएससी प्रोग्राम संचालित हैं.
2018 के मुकाबले 2026 में ढाई गुना से अधिक बढ़ी छात्र संख्या
छात्र संख्या में भी पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. वर्ष 2018 में संस्थान में 1,621 विद्यार्थी थे, जो 2023 में बढ़कर 3,447 हो गए. वर्ष 2025 में यह संख्या 4,214 और 2026 में 4,347 तक पहुंच गई. इस तरह पिछले आठ वर्षों में छात्र संख्या में ढाई गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है.
हॉस्टल से लेकर लैब तक सुविधाओं का विस्तार
आईआईटी पटना के कुलसचिव प्रो. एके ठाकुर ने बताया कि छात्र संख्या और अकादमिक कार्यक्रमों में वृद्धि के साथ हॉस्टल, मेस, क्लासरूम, लैब, खेलकूद और मनोरंजन सहित अन्य सुविधाओं का भी योजनाबद्ध तरीके से विस्तार किया गया है. वर्तमान निदेशक प्रो. टीएन सिंह के नेतृत्व में दूसरे फेज के कार्यों को पूरा कराने के साथ संस्थान में शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाएं लगातार बढ़ाई गई हैं. उनके अनुसार, वर्तमान में संचालित आधे से अधिक कार्यक्रम पिछले कुछ वर्षों में शुरू किए गए हैं.
एनईपी-2020 के तहत कार्यक्रमों को किया गया री-मॉड्यूल
कुलसचिव ने बताया कि आईआईटी पटना में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को पूरी तरह लागू किया गया है. इसके तहत सभी कार्यक्रमों को री-मॉड्यूल किया गया है और विद्यार्थियों की शैक्षणिक रुचि व स्वेच्छा को प्राथमिकता दी जा रही है.
शिक्षकों की संख्या 46 से बढ़कर 165 हुई
आईआईटी पटना की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2008 में संस्थान में सात कर्मचारी और 46 शिक्षक थे. वर्ष 2013 में कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 37 और शिक्षकों की संख्या 63 हो गई. 2018 में यह संख्या क्रमश: 100 कर्मचारी और 108 शिक्षक हो गई. वर्ष 2023 में 121 कर्मचारी और 156 शिक्षक थे, जबकि 2025 में कर्मचारियों की संख्या 150 और शिक्षकों की संख्या 165 हो गई.
आईआईएम मुंबई और बोधगया से ड्यूल डिग्री का अवसर
आईआईटी पटना में बीटेक-बीएस एमबीए ड्यूल डिग्री प्रोग्राम भी विद्यार्थियों के बीच आकर्षण का केंद्र है. इसमें नामांकित विद्यार्थी सात सेमेस्टर की पढ़ाई आईआईटी पटना में करने के बाद अंतिम तीन सेमेस्टर की पढ़ाई भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) मुंबई और बोधगया में करते हैं. इसके लिए आईआईटी पटना का दोनों संस्थानों के साथ एमओयू है. इस ड्यूल डिग्री कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) में शामिल हुए बिना आईआईएम से प्रबंधन की डिग्री हासिल करने का अवसर मिलता है.
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