पटना में फ्लिपकार्ट के डिलीवरी वाहनों से सामान चुराने वाले गिरोह का खुलासा, 6 गिरफ्तार, 17 मोबाइल-लैपटॉप बरामद
पटना में फ्लिपकार्ट के डिलीवरी वाहनों से सामान चोरी करने वाले एक गिरोह का एसटीएफ और पुलिस ने पर्दाफाश किया है. गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से 17 मोबाइल और एक लैपटॉप बरामद किया गया है.
Flipkart Case : बिहार एसटीएफ और पटना जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने Flipkart के डिलीवरी वाहनों से महंगे सामान चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे और निशानदेही पर चोरी के 17 मोबाइल, एक लैपटॉप और एक कार बरामद की गई है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य डिलीवरी वाहनों के ड्राइवरों से सांठ-गांठ कर सुनसान इलाकों में गाड़ियों को रुकवाते थे और मौका मिलते ही उनमें रखे महंगे सामान गायब कर देते थे.
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पुलिस ने इस मामले में पटना, नालंदा और जहानाबाद से जुड़े आरोपितों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में गिरोह के काम करने का तरीका सामने आने के बाद पुलिस अब इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है.
नौबतपुर में छापेमारी कर पांच आरोपित पकड़े गए
बिहार एसटीएफ और पटना जिला पुलिस की टीम ने सूचना के आधार पर नौबतपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया. इनमें नालंदा के विपिन कुमार, पटना के रूपेश कुमार पासवान, नालंदा के चितरंजन यादव, नालंदा के सत्येंद्र कुमार और जहानाबाद के विजय कुमार शामिल हैं.
पुलिस ने तलाशी के दौरान आरोपितों के कब्जे से 13 मोबाइल, एक लैपटॉप और एक कार बरामद की. बरामद सामान की जांच के बाद पुलिस को इनके चोरी के नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिली.
एक आरोपित की निशानदेही पर दुकानदार भी गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार सत्येंद्र कुमार से पूछताछ की गई. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर टीम ने नालंदा जिले के हिलसा बाजार स्थित 'मां इलेक्ट्रॉनिक्स' दुकान पर कार्रवाई की.
पुलिस ने दुकान के मालिक रवि कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया. तलाशी के दौरान दुकान से चोरी के चार सील बंद मोबाइल बरामद किए गए. इसके बाद पुलिस ने बरामद मोबाइल और आरोपितों से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच शुरू कर दी है.
ड्राइवरों से मिलकर बनाते थे चोरी का प्लान
पुलिस की जांच में गिरोह के काम करने का तरीका भी सामने आया है. बताया जा रहा है कि गिरोह के सदस्य Flipkart के मालवाहक वाहनों के ड्राइवरों से संपर्क में रहते थे. ड्राइवरों की मदद से माल लदे वाहनों को रास्ते में सुनसान जगहों पर रुकवाया जाता था.
इसके बाद गिरोह के सदस्य वाहन में रखे महंगे सामान को निशाना बनाते थे. खास तौर पर मोबाइल और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी किए जाते थे. चोरी के बाद इन सामानों को अलग-अलग जगहों पर खपाने की कोशिश की जाती थी.
चोरी के सामान की बिक्री के नेटवर्क की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है. साथ ही चोरी किए गए सामान को किन लोगों के जरिए बाजार में बेचा जाता था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है.
पुलिस गिरफ्तार सभी आरोपितों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है. जांच टीम यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डिलीवरी वाहनों के कितने ड्राइवर इस नेटवर्क से जुड़े थे और चोरी के सामान की खरीद-बिक्री में और कौन लोग शामिल हैं. मामले में आगे की जांच के आधार पर अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी भी हो सकती है.
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