गांव में करें सख्ती, नहीं करते यातायात नियमों का पालन

Updated:
विज्ञापन

पटना : ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात नियमों को लेकर सख्ती की जायेगी. हाल के वर्षों में बिहार में सड़कों की लंबाई बढ़ी है. हर तरह की गाड़ी जिलों में आ गयी है. इस कारण दुर्घटनाएं भी बढ़ी हैं. दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जायेगा. शनिवार को अधिवेशन भवन में […]

विज्ञापन

पटना : ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात नियमों को लेकर सख्ती की जायेगी. हाल के वर्षों में बिहार में सड़कों की लंबाई बढ़ी है. हर तरह की गाड़ी जिलों में आ गयी है. इस कारण दुर्घटनाएं भी बढ़ी हैं. दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जायेगा.

आपके शहर में

विज्ञापन
शनिवार को अधिवेशन भवन में 31 वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह समारोह का उद्घाटन परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला ने किया. परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि पिछले छह माह में सड़क दुर्घटनाएं कम हुई हैं.
हेलमेट नहीं पहनने के कारण भी मौत अधिक हो रही है. विभाग ने यातायात नियमों का पालन कराने के लिए जुर्माना बढ़ाया है. सड़क सुरक्षा सप्ताह में हर स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जायेगा. दुर्घटना में जिनकी मौत हुई है, उनके परिजनों को भी अभियान से जोड़ा जायेगा.
कार्यक्रम में आपदा प्रबंध प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यासजी, सदस्य पीएन राय, परिवहन आयुक्त सीमा त्रिपाठी, चिकित्सक, एनसीसी के बच्चे एवं अन्य लोग मौजूद थे. मौके पर बेहतर कार्य करने वाले सहरसा, बक्सर, बांका, कटिहार, मधुबनी और पश्चिमी चंपारण के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक और जिला परिवहन पदाधिकारी सम्मानित किये गये.
राज्य भर में हर घंटे होती है एक व्यक्ति की मौत
विनय कुमार एडीजी सीआइडी ने कहा कि राज्य भर में हर साल तीन हजार लोगों की हत्या का मामला आता है, लेकिन सड़क दुर्घटना में मरने वाले लोगों की संख्या सात हजार है.
सड़क दुर्घटना में 57 प्रतिशत लोगों की मौत एनएच पर होती है. रोड एक्सीडेंट में हर साल पटना में छह सौ, मुजफ्फरपुर 550, सारण, गया और नालंदा में तीन-तीन सौ लोगों की मौत होती है. इन जिलों में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं. एनएच पर सड़क दुर्घटना कम करने के लिए यातायात नियम के तहत कई काम होंगे, इसको लेकर रोड को प्रस्ताव भेजा गया है. सड़क दुर्घटना को कम करने के लिए काम तेज किया गया है.
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन