पटना : अब सरकारी अस्पतालों को बढ़ी दर से देना होगा जल और वायु प्रदूषण शुल्क
Updated at : 14 Nov 2019 9:09 AM (IST)
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पटना : राज्य के पुराने मेडिकल कॉलेज अस्पतालों व सरकारी अस्पतालों से वसूले जानेवाले सहमति शुल्क में संशोधन किया गया है. अब अस्पतालों को बढ़ी हुई दर से जल एवं वायु प्रदूषण शुल्क सरकारी खाते में जमा कराना होगा. राज्य कैबिनेट द्वारा बुधवार को इस एजेंडे पर सहमति दे दी है. कैबिनेट विभाग के प्रधान […]
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पटना : राज्य के पुराने मेडिकल कॉलेज अस्पतालों व सरकारी अस्पतालों से वसूले जानेवाले सहमति शुल्क में संशोधन किया गया है. अब अस्पतालों को बढ़ी हुई दर से जल एवं वायु प्रदूषण शुल्क सरकारी खाते में जमा कराना होगा. राज्य कैबिनेट द्वारा बुधवार को इस एजेंडे पर सहमति दे दी है.
कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव डाॅ दीपक प्रसाद ने बताया कि सरकारी व निजी क्षेत्र के नर्सिंग होम से पूंजीगत लागत से सहमति शुल्क ली जाती है. उन्होंने बताया कि संशोधित सहमति शुल्क के अनुसार राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों से अब 90 हजार रुपये, जिला व सदर अस्पतालों से 60 हजार रुपये, रेफरल अस्पतालों से 35 हजार और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से नौ हजार शुल्क लिया जायेगा. सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा सहमति शुल्क का निर्धारण किया जाता है. इसमें जल व वायु प्रदूषण के एवज में शुल्क की वसूली हर पांच वर्षों के लिए ली जाती है.
गुड़गांव की कंपनी बनायेगी विष्णुपद मंदिर तक तालाब व नलकूप लाने की डीपीआर : विश्व प्रसिद्ध गया शहर में सालों भर देसी व विदेशी पर्यटक आते रहते हैं. पितृपक्ष के दौरान तीर्थयात्री विष्णुपद मंदिर के पास फल्गु नदी में स्नान एवं तर्पण किया जाता है. यहां पर पूरे साल विष्णुपद मंदिर के निकट जल संचयित करने (न्यूनतम दो फुट) की संरचना तैयार करने (वीयर, तालाब, नलकूप) के लिए प्रस्ताव तैयार है. इसके लिए विस्तृत स्थल सर्वेक्षण एवं भू तकनीकी अध्ययन कर संरचना के स्थल का डीपीआर तैयार करने के लिए परामर्शी टैक्टेबेल इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, गुड़गांव को चयनित किया गया है.
बिहार राज्य वन विकास निगम लिमिटेड (संप्रति आकार्यरत) के आस्तियों, दायित्वों एवं कर्मियों का बिहार और झारखंड राज्य के बीच विभाजन का निर्णय लिया गया. बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 के प्रावधानों के तहत किया जायेगा.
कैबिनेट के फैसले
राज्य सरकार अपने चौकीदारों के समान ही केंद्रीय संस्थानों में तैनात चौकीदारों को ड्यूटी पर मृत्यु होने के बाद उनके निकट आश्रितों को चार लाख की अनुमान्य अनुग्रह अनुदान राशि देगी. इससे डाकघर व दूरदर्शन जैसे केंद्रीय संस्थानों के 32 परिवारों को तत्काल लाभ मिलेगा. पूर्व में ऐसे चौकीदारों को कोई लाभ नहीं मिलता था.
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