अच्छे एकेडमिक रिकाॅर्ड वालों को वेटेज
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : पटना विश्वविद्यालय में पीएचडी में इस बार जो नया एडमिशन होगा उसमें ओवरऑल एकेडमिक कैरियर पर अधिक जोर दिया गया है. जिनका एकेडमिक बेहतर होगा उन्हें पीएचडी में उनको प्राथमिकता दी जायेगी. एकेडमिक्स, नेट-जेआरएफ या पैट तथा साक्षात्कार तीनों के अंक को जोड़कर मेधा सूची तैयार की जायेगी. इससे पहले सिर्फ नेट-जेआरएफ या […]
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पटना : पटना विश्वविद्यालय में पीएचडी में इस बार जो नया एडमिशन होगा उसमें ओवरऑल एकेडमिक कैरियर पर अधिक जोर दिया गया है. जिनका एकेडमिक बेहतर होगा उन्हें पीएचडी में उनको प्राथमिकता दी जायेगी. एकेडमिक्स, नेट-जेआरएफ या पैट तथा साक्षात्कार तीनों के अंक को जोड़कर मेधा सूची तैयार की जायेगी. इससे पहले सिर्फ नेट-जेआरएफ या पैट के अंक तथा साक्षात्कार के आधार पर नामांकन होते थे. सबसे अधिक वेटेज जेआरएफ को मिल रहा था.
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इसके बाद जिनका नेट या पैट (पीएचडी एंट्रेंस टेस्ट) में अधिक मार्क्स लाने वालों को वेटेज था. लेकिन इस बार नयी पद्धति से नामांकन होगा जो यूजीसी के अनुरूप है और राजभवन के द्वारा स्वीकृत हुई है. इसमें एकेडमिक्स को केंद्र में रखा गया है. इसके बाद साक्षात्कार के अंक को जोड़कर मेधा सूची तैयार की जायेगी.
असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली में होगी आसानी : जानकारों की मानें तो इससे असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली में छात्रों को पीएचडी के बाद अधिक परेशानी नहीं होगी. कारण यह है कि करीब-करीब यही प्रक्रिया वहीं भी अपनायी जा रही है. बेहतर एकेडमिक कॅरियर व नेट-जेआरएफ के साथ पीएचडी होने पर साक्षात्कार का अंक जोड़ असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली होती है.
पीएचडी में भी बेहतर एकेडमिक इसलिए मांगा जा रहा है कि ताकि जब छात्र का पीएचडी पूरा हो तो वह असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए लगभग तैयार हो. इसके बाद साक्षात्कार बेहतर रहा तो फिर पीएचडी के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर बनने में छात्रों को अधिक दिक्कत नहीं होगी.
पहली बार सवर्ण आरक्षण भी लागू रहेगा
पीएचडी में अब नये नियमों के तहत जो आरक्षण नियम हैं उन्हें ध्यान में रखा जायेगा. पहली बार सवर्ण आरक्षण भी पीएचडी में लागू होगा. वहीं अन्य आरक्षित वर्ग के लिए पचास प्रतिशत सीटें रिजर्व रहेंगी. मेधा सूची इसी आधार पर बनायी जायेगी. सीटों के अनुपात के अनुसार मेरिट व आरक्षण दोनों को मिलाकर सूची बनायी जायेगी.
28 सितंबर को पीयू में होना है पैट
पटना विश्वविद्यालय पीएचडी एंट्रेंस टेस्ट (पैट) का आयोजन 28 सितंबर को किया जायेगा. इसकी तैयारी चल रही है. परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि रविवार को देर रात समाप्त हो गयी.
उक्त टेस्ट के बाद एक बार फिर साक्षात्कार के लिए आवेदन करना होगा. इसमें सिर्फ पैट उतीर्ण छात्र, एमफिल, नेट-जेआरएफ उतीर्ण छात्र ही आवेदन करेंगे. सभी का साक्षात्कार होगा. इसके बाद फाइनल सूची जारी की जायेगी. प्रोविजनल सेलेक्शन होने के बाद छात्रों का कोर्स वर्क कराया जायेगा जो छह महीने का होगा. इसके बाद फाइनल रजिस्ट्रेशन किया जायेगा.
कोर्स वर्क के बाद छात्रों का फाइनल रजिस्ट्रेशन हो जायेगा
इस बार राजभवन के द्वारा फाइनल किये गये नये नियम से मेधा सूची तैयार होगी. एकेडमिक को अधिक वेटेज दिया जायेगा. इसके बाद नेट-जेआरएफ तथा साकात्कार के बाद प्रोविजनल नामांकन ले लिया जायेगा. कोर्स वर्क के बाद छात्रों का फाइनल रजिस्ट्रेशन हो जायेगा. नये नियम से छात्र जब पीएचडी करेंगे, तो असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए लगभग तैयार रहेंगे. सिर्फ साक्षात्कार बाकी रहेगा.
प्रो आरएस आर्या, मानविकी संकाय के डीन, पटना विश्वविद्यालय
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