पटना : अगले साल से खेती व किसानी के लिए अलग से हाेगा बिजली फीडर

Updated at : 04 Aug 2019 6:32 AM (IST)
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पटना : अगले साल से खेती व किसानी के लिए अलग से हाेगा बिजली फीडर

कृष्ण कृषि फीडर लगने से डीजल सब्सिडी के बचेंगे हर साल दो अरब पटना : राज्य सरकार को इससे सालाना दो अरब रुपये का आर्थिक लाभ होगा. इसके साथ ही पर्यावरण और उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी. सरकार ने इस साल के अंत 31 दिसंबर, तक सभी खेतों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित कर […]

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कृष्ण
कृषि फीडर लगने से डीजल सब्सिडी के बचेंगे हर साल दो अरब
पटना : राज्य सरकार को इससे सालाना दो अरब रुपये का आर्थिक लाभ होगा. इसके साथ ही पर्यावरण और उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी. सरकार ने इस साल के अंत 31 दिसंबर, तक सभी खेतों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है.
पूरे राज्य में 1312 कृषि फीडर लगने से किसानों को बिजली से सिंचाई सुविधा मिलने लगेगी. इससे सिंचाई के लिए डीजल पर निर्भरता खत्म हो जायेगी और किसानों को डीजल अनुदान के रूप में हर साल करीब दो अरब रुपये सरकार को नहीं देने होंगे. सिंचाई के लिए पंपिंग सेट का उपयोग बंद होने से उससे निकलने वाले धुएं और उसकी आवाज से पर्यावरण को सुरक्षा हो सकेगी. वहीं सिंचाई सुविधाएं विकसित होने से फसलों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा और फसल उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी.
कृषि विभाग के सूत्रों का कहना है कि इस वर्ष अब तक करीब 76 लाख किसान विभाग में अपना पंजीकरण करवा चुके हैं. वहीं वर्ष 2018-19 में खरीफ मौसम में 13 लाख 93 हजार 677 किसानों के बीच एक अरब 76 करोड़ 50 लाख 39 हजार 554 रुपये और रबी मौसम में दो लाख 46 हजार 317 किसानों के बीच 29 करोड़ 80 लाख 27 हजार 48 रुपये का भुगतान किया गया. पिछले साल मात्र 60 लाख टन चावल का उत्पादन हो सका था.
बढ़ेगा उत्पादन, पर्यावरण की होगी सुरक्षा
बिजली कंपनी के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि राज्य में 31 दिसंबर 2019 तक 1312 कृषि फीडर लगाने के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिये गये लक्ष्य के अनुसार तेजी से काम हो रहा है. इस संबंध में काम की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह सीएमडी प्रत्यय अमृत कर रहे हैं. अब तक करीब 800 कृषि फीडर लगाये जा चुके हैं. ये डेडीकेटेड फीडर हैं जिनसे किसानों को सिंचाई के लिए निश्चित समय में प्रतिदिन बिजली मिलेगी.
किसानों को लाभ
तीन शिफ्टों में चार-चार घंटे मिलेगी बिजली
इससे सिर्फ खेती के लिए ही उपयोग हो सकेगा
भरपूर पानी मिलने से सिंचाई का संकट खत्म हो जायेगा और उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी
डीजल के उपयोग से पर्यावरण को हाे रहे नुकसान से भी बचाव होगा
सरकार को लाभ
प्रतिवर्ष दी जा रही डीजल सब्सीडी के करीब दो अरब रुपये की बचत होगी
नहरों पर होने वाले खर्च पर एक हद तक कमी आयेगी
पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा
उत्पादन बढ़ने से किसानों की माली हालत सुधरेगी
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