पटना : विवि में यूएमआइएस लागू करने की रफ्तार धीमी

Updated at : 19 Jun 2019 9:24 AM (IST)
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पटना : विवि में यूएमआइएस लागू करने की रफ्तार धीमी

राजभवन द्वारा लागू करने के लिए विश्वविद्यालयों पर लगातार बनाया जा रहा है दबाव पटना : यूजीसी का निर्देश है कि सभी विश्वविद्यालयों में यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (यूएमआइएस) लागू करना है. वहीं राजभवन भी इसको लेकर काफी गंभीर है और लगातार विश्वविद्यालयों को इसे लागू करने को लेकर दबाव बना रहा है. लेकिन वास्तविक […]

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राजभवन द्वारा लागू करने के लिए विश्वविद्यालयों पर लगातार बनाया जा रहा है दबाव
पटना : यूजीसी का निर्देश है कि सभी विश्वविद्यालयों में यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (यूएमआइएस) लागू करना है. वहीं राजभवन भी इसको लेकर काफी गंभीर है और लगातार विश्वविद्यालयों को इसे लागू करने को लेकर दबाव बना रहा है.
लेकिन वास्तविक स्थिति यह है कि लगभग यूनिवर्सिटी ऑनलाइन तो हो चुके हैं लेकिन यूएमआइएस पद्धति को लागू करने में सभी प्रक्रियाधीन हैं. धीरे-धीरे राजधानी के सारे यूनिवर्सिटी इसे लागू करने में लगे हुए हैं. इसको लेकर एजेंसियों से करार किया जा रहा है.
सभी विवि यूएमआइएस को लागू करने में जुटे : अब तक मिली जानकारियों के अनुसार पटना विश्वविद्यालय के द्वारा इसके लिए टेंडर निकाला गया और एक निजी एजेंसी से इसका करार हुआ है.
स्टूडेंट्स वेलफेयर डीन प्रो एनके झा ने बताया कि यूएमआइएस को विवि में हर हाल में 15 जुलाई तक लागू कर दिया जायेगा और इसके बाद पूरी ऑनलाइन व्यवस्था ही बदल जायेगी. मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार कर्नल कामेश कुमार ने बताया कि एनआइसी जो एक सरकारी संस्था है उससे वह यूएमआइसी के लिए करार की है और जल्द ही इस पर काम शुरू हो जायेगा. पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के पीआरओ बीके मंगलम ने बताया कि यूएमआइएस के लिए एजेंसी से करार हो गया है और इसी के तहत ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया शुरू की गयी है. यूएमआइसी के तहत बाकी चीजें भी जल्द अपडेट की जायेंगी. एनओयू के रजिस्ट्रार एसपी सिन्हा ने बताया कि यूएमआइएस के तहत उनके विवि का टेंडर भी हो चुका है. विवि ने निजी एजेंसी को हायर किया है. सितंबर तक इसे सफलता पूर्वक लागू कर दिया जायेगा.
एजेंसी की कमी : हालांकि इस संबंध में एजेंसियों की कमी बतायी जा रही है. पीयू के रजिस्ट्रार कर्नल मनोज मिश्र के अनुसार दो बार टेंडर निकाला गया लेकिन एक ही एजेंसी इसके लिए आयी. एक ही एजेंसी आने की वजह से पहली बार रिजेक्ट किया गया और दोबारा निविदा निकाली गयी लेकिन दूसरी बार कोई आॅप्शन नहीं होने से उक्त एजेंसी से करार कर लिया गया. हालांकि पीयू ने अपनी सारी शर्तों पर ही करार किया है.
हर जानकारी मिलेगी ऑनलाइन
यूएमआइएस के तहत पूरा स्टूडेंट्स लाइफ सायकल ऑनलाइन मौजूद होगा. हर छात्र के विवि में एडमिट होने के बाद डिग्री हासिल करने की हर जानकारी ऑनलाइन मिल जायेगी. विवि स्तर से लेकर कॉलेज स्तर तक एक-एक विद्यार्थी का अटेंडेंस से लेकर डिग्री तक ऑनलाइन रहेगी. इसके अतिरिक्त विवि व कॉलेज से जुड़ी सारी जानकारियां तो होंगी ही.
सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और सभी कॉलेज विवि से ऑनलाइन जुड़ जायेंगे और विवि राजभवन से ऑनलाइन जुड़ जायेंगे. एडमिशन आदि तो ऑनलाइन होंगे ही और भी सारी प्रक्रिया कंप्यूटराइज्ड हो जायेगी और विवि में ज्यादातर डाटा ऑनलाइन मौजूद होगी. फाइलों का इस्तेमाल कम से कम होगा.
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