मुख्यमंत्री के साथ नागमणि ने साझा किया मंच, रालोसपा से निकाले गये नागमणि

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को जगदेव पथ मोड़, जवाहर लाल नेहरू पथ पर शहीद जगदेव प्रसाद की नवनिर्मित प्रतिमा का अनावरण किया. इस दौरान सीएम ने उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की. इस मौके पर पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, विधायक संजीव चौरसिया, पूर्व मंत्री नागमणि, पूर्व मंत्री सुचित्रा सिन्हा, अरविंद कुमार सिंह, […]

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को जगदेव पथ मोड़, जवाहर लाल नेहरू पथ पर शहीद जगदेव प्रसाद की नवनिर्मित प्रतिमा का अनावरण किया. इस ���ौरान सीएम ने उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की. इस मौके पर पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, विधायक संजीव चौरसिया, पूर्व मंत्री नागमणि, पूर्व मंत्री सुचित्रा सिन्हा, अरविंद कुमार सिंह, पथ निर्माण के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा, पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव, डीएम कुमार रवि, एसएसपी गरिमा मल्लिक समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

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जगदेव प्रसाद की प्रतिमा अनावरण के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ रालोसपा नेता नागमणि का मौजूद रहना उन्हें काफी महंगा पड़ा. पार्टी ने उन पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से हटा दिया है और कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया है. इस घटना के बाद से कई राजनीतिक मतलब निकलने लगे हैं.
पूर्व मंत्री नागमणि के जदयू में शामिल होने से लेकर अन्य कई तरह के कयास लगने शुरू हो गये हैं. हालांकि, अभी तक नागमणि की तरफ से कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है कि वे किधर जायेंगे और उनका अगला कदम क्या होगा, परंतु सीएम के साथ एक प्रतिमा अनावरण के कार्यक्रम में मौजूद रहकर उन्होंने राजनीति में एक नयी बहस शुरू कर दी है.
‘उपेंद्र की हैसियत चपरासी बनने लायक भी नहीं’
पटना : रालोसपा के नेता नागमणि ने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी और उसकी नीतियों के खिलाफ कोई काम नहीं किया है. लेकिन, इसके बाद भी यदि उन्हें कोई नोटिस जारी हुई है, तो यह बर्दाश्त करने लायक नहीं है. उन्हें नोटिस मिली तो वह पार्टी छोड़ देंगे. पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनकी अपनी हैसियत चपरासी बनने लायक भी नहीं है.
वह हम थे जिसके कारण रालोसपा का जनाधार बढ़ा है. उन्होंने कहा कि उन्हें कोई नाेटिस की जानकारी नहीं मिली है. अपने से जूनियर होने के बावजूद उपेंद्र कुशवाहा को हमने मुख्यमंत्री का दावेदार बनाया. उन्हें अब भी भरोसा है कि उपेंद्र कुशवाहा ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया होगा. पर, इतना जरूर है कि पार्टी में माधव आनंद जैसे दलाल किस्म के लोग शामिल हो गये हैं.
नागमणि ने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद की मूर्ति अनावरण का सरकारी कार्यक्रम था, जिसमें वह शामिल हुए, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कोई टोका-टोकी भी नहीं हुई. उन्होंने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद के नाम पर समारोह में हम शामिल हुए और हम पर कार्रवाई की जा रही है. यदि ऐसा हुआ तो कुशवाहा समाज उपेंद्र को बिहार में घुमने नहीं देगा.
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