भू-अर्जन पदाधिकारी ने 17 साल में 71 लाख रुपये कमाये, बनायी छह करोड़ की संपत्ति

Updated at : 07 Feb 2019 9:20 AM (IST)
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भू-अर्जन पदाधिकारी ने 17 साल में 71 लाख रुपये कमाये, बनायी छह करोड़ की संपत्ति

अनुज शर्मा पटना : भ्रष्टाचार और अवैध तरीके से करोड़ों की कमाई करने वाले जमुई के तत्कालीन विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी आलोक कुमार के खिलाफ निगरानी ब्यूरो चार्जशीट दाखिल करने जा रहा है. अब तक की जांच में 17 साल की सेवा में वेतन आदि से 71 लाख रुपये कमाने वाले इस अफसर के पास छह […]

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अनुज शर्मा
पटना : भ्रष्टाचार और अवैध तरीके से करोड़ों की कमाई करने वाले जमुई के तत्कालीन विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी आलोक कुमार के खिलाफ निगरानी ब्यूरो चार्जशीट दाखिल करने जा रहा है. अब तक की जांच में 17 साल की सेवा में वेतन आदि से 71 लाख रुपये कमाने वाले इस अफसर के पास छह करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति मिली है. इसमें सहयोगी रही उनकी पत्नी मुन्नी देवी को भी आरोपित बनाया गया है.
उस अज्ञात व्यक्ति को भी खोजा जा रहा है, जिसके नाम पर लाखों की बेनामी संपत्ति है. आलोक कुमार के पास कई ऐसी संपत्ति मिली है, जिसकी जांच अभी नहीं हो पायी है. बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आलोक कुमार ने 10 मार्च, 1999 को उपसमाहर्त्ता के पद से सेवा शुरू की थी. 2017 में वह जमुई में विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी थे. उन पर दो करोड़, 22 लाख, 21 हजार की अवैध कमाई का आरोप है. निगरानी ने 17 जनवरी, 2017 को उनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की. घर से सात सौ से अधिक वित्तीय दस्तावेज, जेवर और डेढ़ लाख नकद मिला था.
जमुई में विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी रहे आलोक व उनकी पत्नी पर चार्जशीट जल्द
वेतन को हाथ नहीं लगाया
पटना. आलोक कुमार की तैनाती जमुई, मधुबनी, साहेबगंज, गढ़वा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, खगड़िया, बक्सर और पटना में हो चुकी है. वह पटना में राइडिंग रोड पर आलीशान घर में रहते हैं. जांच के दौरान आइओ ने तैनाती वाले स्थानाेें से उनकी वेतन विवरणी की मांग की. इसमें से मधुबनी के कोषागार ने निगरानी को अवगत कराया कि आलोक कुमार केे वेतन भुगतान से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला है.
अब तक मिली 6.18 करोड़ की अवैध कमाई
पटना : अब तक की जांच में आलोक कुमार के पास छह करोड़ 18 लाख 74 हजार की आय से अधिक संपत्ति मिली है. सबसे अधिक पैसा स्टेट बैंक में एफडी के रूप में है.
आरोपित ने पत्नी मुन्नी देवी, मां सुमित्रा सिन्हा, बेटी प्रज्ञा, पुत्र मयंक वर्धन, साला रामजी सिंह और अज्ञात व्यक्ति परमांनद चौधरी के नाम से संपत्ति अर्जित की. आलोक कुमार और मुन्नी देवी का सहारा इंडिया में तीन करोड़, 96 लाख, 41 हजार रुपये का संयुक्त निवेश है. मुन्नी देवी का 50 लाख ने अलग से भी निवेश है.
परमानंद चौधरी के नाम के अज्ञात व्यक्ति के खाते में करीब 12 लाख का एफडी मिला है. एसबीआइ में पत्नी व विधवा मां के संयुक्त नाम पर 99 लाख रुपये का एफडी मिला है. एक एफडी तो 64 लाख से अधिक का है. दोनों के संयुक्त नाम पर हुआ एक भी निवेश पांच लाख से कम नहीं है. बिल्डर साले के नाम पर भी दस लाख रुपये मिले हैं.
आलोक के नाम पर मिली संपत्ति
19.42 लाख की एसबीआइ में एफडी
एक लाख की एनआइसी की पॉलिसी
1.20 लाख की आइसीआइसीआइ बैंक पॉलिसी
2.82 लाख का घरेलू सामान
7.66 लाख के सोने के गहने
डेढ़ लाख कैश बरामद
आलोक की ओर से दर्शाया गया व्यय
असत्यापित व्यय 23 लाख, 73,296 रुपये
जीपीएफ 07लाख, 52,788 रुपये
जीआइ 27,860 रुपये
आयकर कटौती 02लाख, 77,542 रुपये
मकान किराये में कटौती 2672 रुपये
सेवा कर 4000 रुपये
बच्चों की शिक्षा पर खर्च डेढ़ लाख रुपये
कुल 35 लाख, 88,158 रुपये
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