पटना : नक्सली विनय की 77 लाख की संपत्ति को कब्जे में लेगी ईडी

Updated:
विज्ञापन

दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकार ने लगायी मुहर पटना : नक्सली विनय यादव की 77 लाख रुपये की संपत्ति को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कब्जे में लेगी. मई में विनय की संपत्तियों को जब्त करने का आदेश हुआ था. इसके बाद दिल्ली स्थित ईडी के सक्षम प्राधिकार के पास मामला गया. वहां से अब हरी झंडी मिल […]

विज्ञापन

दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकार ने लगायी मुहर

आपके शहर में

विज्ञापन

पटना : नक्सली विनय यादव की 77 लाख रुपये की संपत्ति को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कब्जे में लेगी. मई में विनय की संपत्तियों को जब्त करने का आदेश हुआ था. इसके बाद दिल्ली स्थित ईडी के सक्षम प्राधिकार के पास मामला गया. वहां से अब हरी झंडी मिल गयी है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सूत्रों ने बताया कि धनशोधन रोधी कानून के तहत औरंगाबाद के विनय यादव की 77 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गयी थी.

कथित रूप से उगाही जैसी आपराधिक गतिविधियों से धन जमा करने के बाद अपने दामाद के परिवार के बैंक खातों में 40 लाख रुपये भी डालने के बात सामने आयी थी.

मई में ही बिहार क्षेत्रीय समिति के एक कुख्यात शीर्ष कमांडर और सक्रिय सदस्य विनय यादव उर्फ कमल जी एवं उसके परिवार की संपत्ति कुर्क करने के लिए धनशोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अस्थायी आदेश जारी किया गया था.

विनय यादव औरंगाबाद जिले के देवरा गांव का रहने वाला है और उसके कम-से-कम पांच और नाम हैं. किसलय जी और गुरु जी नाम से भी उसकी पहचान है.

सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्राधिकार ने जारी किया है आदेश

सूत्रों ने बताया कि विनय यादव के परिवार और उसके दामाद के परिवार के नाम वाले छह भूखंड (औरंगाबाद जिले में), तीन बसें, एक अर्थ मूवर मशीन, एक बोलेरो एसयूवी, एक मिनी वैन, सावधि जमा राशि और सात बैंक खाते कुर्क किये गये थे. एजेंसी ने कहा कि उसकी जांच में पाया गया कि यादव ने ‘अपराध से अर्जित की गयी आय अपनी पत्नी एस देवी, अपने दामाद प्रेम कुमार और पिता सरयू यादव को हस्तांतरित किया. विनय यादव ने दामाद प्रेम कुमार एवं पिता सरयू यादव के बैंक खाते में करीब 40 लाख रुपये नकद जमा कराये थे.

नक्सली नेता गलत तरीके से अर्जित की गयी अपनी संपत्ति अपनी बेटी के परिवार की समृद्धि के लिए उन्हें हस्तांतरित किया था. मई में जब्ती का आदेश होने के बाद यह मामला सक्षम प्राधिकार दिल्ली में गया. जानकारों की मानें, तो छह माह का समय रहता है. इस बीच संबंधित व्यक्ति को भी बात कहने का मौका दिया जाता है. सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्राधिकार ने ईडी को कब्जा लेने का आदेश जारी किया है.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन