पटना : अब सिर्फ 10 मिनट में चलेगा कैंसर का पता, फरवरी से मिलेगी सुविधा
Updated at : 31 Oct 2018 7:48 AM (IST)
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आईजीआईएमएस में लगेगी पेट स्कैन मशीन पटना : अब कैंसर की बीमारी का पता केवल 10 मिनट में लग जायेगा. इतना ही नहीं, कैंसर किस रफ्तार से शरीर में फैल रहा है, इसका भी पता आसानी से लगाया जा सकता है. कैंसर के इलाज की दिशा भी मशीन के माध्यम से तय की जा सकती […]
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आईजीआईएमएस में लगेगी पेट स्कैन मशीन
पटना : अब कैंसर की बीमारी का पता केवल 10 मिनट में लग जायेगा. इतना ही नहीं, कैंसर किस रफ्तार से शरीर में फैल रहा है, इसका भी पता आसानी से लगाया जा सकता है. कैंसर के इलाज की दिशा भी मशीन के माध्यम से तय की जा सकती है.
यह मुमकिन होगा पेट स्कैन मशीन से. दरअसल इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में कैंसर की जांच के लिए आधुनिक मशीन पेट स्कैन लायी जा रही है. ऐसे में समय रहते मरीजों को जल्द कैंसर की सटीक जानकारी मिल जायेगी. संस्थान प्रशासन नये साल में मरीजों को नयी सौगात देने जा रहा है. इस मशीन से महज पांच से छह हजार के भीतर ही जांच हो जायेगी, जबकि निजी अस्पताल में करीब 15 से 16 हजार रुपये जांच के लगते हैं.यह अत्याधुनिक जांच फरवरी माह से शुरू हो जायेगी. यह राज्य का पहला सरकारी अस्तपताल होगा, जहां यह मशीन लगने जा रही है.
10 मिनट में 100% सटीक जांच
आईजीआईएमएस में कैंसर मरीजों की जांच अब तक एमआरआई और सीटी स्कैन की इमेज के आधार पर जांच की जाती है, लेकिन कोशिकाओं की वास्तविक स्थिति का सटीक पता नहीं लग पाता है. जबकि पेट स्कैन मशीन सूक्ष्म बीमार कोशिकाओं तक का पता लगा लेती है. इसमें मरीज को एक विशेष ग्लूकोज के साथ रेडियोआईसोटोप का इंजेक्शन दिया जाता है. यह दवा सिर्फ कैंसर कोशिकाओं में ही पहुंचती है.
इन कोशिकाओं से पाजीट्रान निकलते हैं, जिससे रेडियोएक्टिव आईसोटोप पकड़ लेता है. यही कैंसरग्रस्त कोशिकाएं होती हैं, जिनकी इमेज पूरी तरह साफ हो जाती है. पता चल जाता है कि कैंसर वाली कोशिकाएं किस अंग से सिग्नल दे रही हैं. ये कोशिकाएं ज्यादा ग्लूकोज लेती हैं, ऐसे में पकड़ में आती हैं. यह प्रक्रिया करने में महज 10 से 15 मिनट तक का समय लगता है.
कैंसर इलाज का बढ़ेगा दायरा
आईजीआईएमएस के कैंसर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अविनाश कुमार पांडेय ने कहा कि पैट स्कैन मशीन से संस्थान में रेडियोग्राफर एंड टेक्नोलॉजिस्ट का दायरा बढ़ेगा. अब नयी तकनीक की मशीन आने से सिर्फ जांच तक मामला समिति नहीं रहेगा. बीमारी का पता लगाने के बाद इलाज की दिशा भी तय करने की जिम्मेदारी रहेगी. साथ ही मरीजों को समय पर इलाज मुमकिन हो जायेगा.
ट्रांसप्लांट वाले मरीजों को भी फायदा
आईजीआईएमएस के कैंसर रोग विभाग के डॉक्टरों का कहना है कि पेट स्कैन मशीन की खास बात यह है कि इसमें ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीजों की भी आसानी से जांच हो सकती है. दांतों में फिलिंग, दिल और दिमाग में स्टंट, फ्रैक्चर के बाद रॉड प्लेट लगने वालों की एमआरआई जांच कठिन थी. लेकिन, पेट स्कैन से इस झंझट से मरीजों को छुटकारा मिल जायेगी. हर तरीके के मरीजों की पेट स्कैन जांच हो सकती है. इसमें मरीजों को काफी सहूलियत होगी.
बाजार से एक तिहाई कम रेट पर जांच
आईजीआईएमएस प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल होगा, जो पेट स्कैन मशीन से कैंसर की जांच करेगा. संस्थान पेट स्कैन मशीन को लाने जा रहा है. इसकी कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. इससे बाजार से एक तिहाई रेट पर ही कैंसर जांच हो जायेगी. फरवरी से कैंसर मरीजों की जांच इस मशीन से होने लगेगी. इससे पेट, लिवर आदि सभी तरह के कैंसर की जानकारी मरीजों को तुरंत मिल जायेगी.
डॉ मनीष मंडल, मेडिकल सुपरिटेंडेंट आईजीआईएमएस.
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