पटना : मोहित के गैंग से जुड़ा सुधाकर दो मिनट में कर देता है कंगाल
Updated at : 23 Sep 2018 12:40 AM (IST)
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एटीएम कार्ड क्लोनिंग. कॉलेज के दौरान मोहित के भाई से हुई थी मुलाकात पटना : शास्त्रीनगर इलाके से एसटीएफ के माध्यम से गिरफ्तार किये गये सुधाकर उर्फ प्रियांश ने गया के इवनिंग कॉलेज से केमिस्ट्री बीएससी में ऑनर्स किया है. सुधाकर ने बताया कि पढ़ाई के वक्त ही मोहित का भाई रोहित उससे मिला. उसने […]
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एटीएम कार्ड क्लोनिंग. कॉलेज के दौरान मोहित के भाई से हुई थी मुलाकात
पटना : शास्त्रीनगर इलाके से एसटीएफ के माध्यम से गिरफ्तार किये गये सुधाकर उर्फ प्रियांश ने गया के इवनिंग कॉलेज से केमिस्ट्री बीएससी में ऑनर्स किया है.
सुधाकर ने बताया कि पढ़ाई के वक्त ही मोहित का भाई रोहित उससे मिला. उसने ही एटीएम कार्ड के क्लोनिंग का काम सिखाया. उसने बताया कि वह छह महीने से स्कैनर मशीन के जरिये वह कार्ड की क्लोनिंग करता था. पुलिस ने सुधाकर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. जबकि गैंग सरगना मोहित पहले से जेल में है.
इसमें भी पकड़े गये अपराधी पहले जेल जा चुके हैं. उसने बताया कि कार्ड क्लोनिंग करने के बाद वह ऑनलाइन मार्केटिंग करते हैं और कैश भी निकालते हैं. कार्ड क्लोनिंग की पूरी प्रक्रिया करीब दो मिनट की है. इतने ही देर में जिस व्यक्ति का एटीएम कार्ड क्लोनिंग के माध्यम से गैंग के हाथ लगता है उसका खाता खाली कर दिया जाता है. वह कंगाल हो जाता है और यह गैंग मालामाल. इस गैंग ने अब तक लाखाें रुपये इधर-उधर किया है.
एसएसपी कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान क्लोनिंग का मास्टर माइंड सुधाकर उर्फ प्रियांश ने लैपटॉप अौर एटीएम स्कैनर मशीन के जरिये कार्ड की क्लोनिंग करने का तरीका बताया. उसने बताया कि वे लोग एटीएम मशीन के बाहर खड़े रहते हैं. हाथ में एक छोटा सा स्कैनर मशीन लिये रहते हैं. 12 हजार रुपये कीमत की यह मशीन एमएक्स-5 स्कैनर मशीन के नाम से जानी जाती है. इसके माध्यम से मदद करने के नाम पर किसी का एटीएम कार्ड लेकर उसे स्वैप कर लिया जाता है.
कार्ड स्वैप करते ही कार्ड की पूरी डिटेल स्कैनर मशीन में कॉपी हो जाती है. इसके बाद वायर के माध्यम से स्कैनर मशीन को लैपटॉप से कनेक्ट कर लेते हैं. फिर एमएसआर 605 एक्स स्केनर मशीन जिसकी कीमत 17 हजार रुपये है, से कार्ड को स्वैप कर लैपटॉप में मौजूद मिनी ट्यूल्स 2017 को ओपेन कर इसमें कॉपी किये गये डाटा को अपलोड करते हैं. फिर इरेज कार्ड का ऑप्सन आता है. उसे डिलिट करके राइट कार्ड को ओके करते हैं. फिर कार्ड को स्वैप करते हैं और रीड कार्डस के ऑप्सन को ओके करते हैं. इसके बाद कॉपी किया हुआ पूरा डेटा दूसरे एटीएम कार्ड में आ जाता है.
ये लोग किये गये गिरफ्तार
1. सुधाकर उर्फ प्रियांश उर्फ प्रियत, सरबहदा, गया. वर्तमान पता कालीबाड़ी मंदिर, रामरतन अर्पाटमेंट गया 2. रोहित कुमार, वजीरगंज, गया 3. जिशु कुमार, अकौनी जमुई 4. गुलशन कुमार, फतेहपुर, गया 5. बाल मुकुंद रौशना, फतेहपुर.
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