कुपोषित होने के साथ दमा से पीड़ित थी संवासिन
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : राजीव नगर स्थित नेपाली नगर आसरा होम में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अभी हाल ही में दो संवासिनों की मौत हुई थी कि शुक्रवार को फिर एक संवासिन की मौत इलाज के दौरान हो गयी. पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अपनी जिंदगी और मौत से जूझ […]
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पटना : राजीव नगर स्थित नेपाली नगर आसरा होम में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अभी हाल ही में दो संवासिनों की मौत हुई थी कि शुक्रवार को फिर एक संवासिन की मौत इलाज के दौरान हो गयी. पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अपनी जिंदगी और मौत से जूझ रही 27 साल की अनामिका की मौत शुक्रवार की देर शाम 7:55 पर हो गयी. जानकारी के अनुसार हालत गंभीर होने के बाद अनामिका को गुरुवार की रात 9:20 बजे पीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था. 24 घंटे के अंदर ही इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. शुक्रवार को शाम में एक संवासिन को तबीयत खराब होने के बाद पीएमसीएच में भर्ती किया गया.
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अनामिका की हालत पहले से ही काफी खराब थी: पीएमसीएच में इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि अनामिका की हालत पहले से ही काफी खराब थी. कुपोषित होने के साथ ही उसको दम फूलने की बीमारी थी. चेस्ट रोग के अलावा उसके हृदय की बीमारी थी. लगातार दर्द होने के बाद आसरा होम से पीएमसीएच लाया गया था. डॉक्टरों की मानें, तो शारीरिक रूप से वह बेहद कमजोर थी. हालत देख कर लगता था कि वह पिछले तीन दिनों से खाना-पीना सब छोड़ दी थी.
गंभीर हालत में कराया गया भर्ती: पीएमसीएच प्रशासन की मानें, तो अनामिका को दम फूलने की बीमारी काफी पुरानी थी. लेकिन, उसे उचित इलाज नहीं मिला. उसके साथ होम में सिर्फ खानापूर्ति की गयी है. डॉक्टरों की मानें, तो अगर अनामिका को 10 या 15 दिन पहले इलाज के लिए लाया जाता, तो शायद वह बच सकती थी. लेकिन, जब हालत काफी गंभीर हो गयी तो उसे भर्ती कराने के लिए भेज दिया गया. पीएमसीएच में अल्ट्रासाउंड, ब्लड आदि सभी की जांच करायी गयी.
14 संवासिनें पहुंचीं पीएमसीएच
पीएमसीएच के मुख्य अकास्मिक पदाधिकारी डॉ अभिजीत सिंह ने बताया कि पिछले 20 दिनों से अब तक पीएमसीएच में 14 संवासिन आसरा होम से इलाज के लिए लायी गयीं. सभी का इलाज इमरजेंसी वार्ड में किया जा रहा गया था. वर्तमान समय में अभी एक भी संवासिनि इमरजेंसी वार्ड में नहीं हैं.
14 में एक की मौत हो गयी और शेष 10 को इलाज के बाद
डिस्चार्ज कर आसरा होम भेज दिया गया़ जबकि, दो संवासिन के इलाज में सुधार आने के बाद दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है. वहीं 10 अगस्त को दो संवासिनि की मौत के बाद पीएमसीएच में लाया गया था.
क्या कहते हैं अधिकारी
अनामिका को गुरुवार की रात 9:20 बजे पीएमसीएच लाया गया. जहां गंभीर हालत देखते हुए इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया. जांच के बाद पता चला कि उसका दम फूल रहा है. सांस लेने में परेशानी के अलावा वह शारीरिक रूप से काफी कमजोर थी. इलाज के दौरान शुक्रवार की रात 7:55 बजे मौत हो गयी. इसकी सूचना पुलिस और आसरा होम को दे दी गयी है.
डॉ राजीव रंजन प्रसाद, अधीक्षक, पीएमसीएच
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