पटना : न कोई दोषी बचेगा, न दोषियों को बचाने वाले ही बचेंगे : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

Updated at : 06 Aug 2018 7:03 AM (IST)
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पटना : न कोई दोषी बचेगा, न दोषियों को बचाने वाले ही बचेंगे : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

जीरो टॉलरेंस नीति : सतत जीविकोपार्जन योजना का किया उद्घाटन पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गड़बड़ी करने वाला कोई नहीं बचेगा. न दोषी बचेंगे और न ही दोषियों को बचाने वाले ही बचेंगे. सभी आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. हालांकि, सीएम ने स्पष्ट रूप से मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड मामले […]

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जीरो टॉलरेंस नीति : सतत जीविकोपार्जन योजना का किया उद्घाटन
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गड़बड़ी करने वाला कोई नहीं बचेगा. न दोषी बचेंगे और न ही दोषियों को बचाने वाले ही बचेंगे. सभी आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. हालांकि, सीएम ने स्पष्ट रूप से मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड मामले का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा इस मामले में ही फंसे सभी दोषियों की तरफ था. मुख्यमंत्री रविवार को मुख्य सचिवालय परिसर स्थित अधिवेशन भवन में आयोजित ‘सतत जीविकोपार्जन योजना’ का उद्घाटन कर रहे थे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तक न किसी मामले में कोई समझौता किया है और न ही आगे करेंगे. विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि कैसे-कैसे लोगों से गाली दिला रहे हैं. जिसको जो मन में आ रहा है, वह कुछ भी बोल रहा है. पब्लिसिटीपाने के लिए कुछ लोग कुछ भी बयान देते रहते हैं. उन्होंने कहा किसमाज में कुछ लोग सिर्फ बोलने वाले हैं. वे सिर्फ अनाप-शनाप बोलते रहे हैं. उनका काम बोलना है, जबकि हम बोलते नहीं, काम करते हैं. शराबबंदी कानून समेत ऐसे अन्य मामलों पर सख्त लहजे में उन्होंने कहा कि हमारा मन बुलंद है, कोई जितना चाहे कुछ भी कहता रहे, हम समझौता करने वाले नहीं हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी कानून के जरिये समाज सुधार की नींव रखी गयी है. इसके बाद दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाया गया है. शराबबंदी कानून के बाद एक बड़ी समस्या मन में रहती थी कि इसमें शामिल परिवार का क्या होगा. इन बातों के मद्देनजर ही ‘सतत जीविकोपार्जन योजना’ शुरू की गयी है.
कांग्रेस के धरने पर सीएम ने कहा, सब का अपना अधिकार
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों ने सीएम नीतीश कुमार से शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नयी दिल्ली में राजद के साथ देने के संबंध में पूछा, तो उन्होंने कहा कि सबका अपना अधिकार है और इतना ही कहकर मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गये.
हालांकि उनके जाने के बाद ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने मुजफ्फरपुर मामले की जब सीबीआई जांच चल रही है, तब विपक्षी क्यों हाय-तोबा मचा रहे हैं. विपक्षी दलों की मांग के बाद राज्य सरकार ने तत्काल इस मामले की जांच सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया. फिर भी इन्हें चैन नहीं पड़ रहा है. यह सरकार दूध का दूध और पानी का पानी करने वाली है. न किसी को हम फंसाते हैं और न ही किसी को बचाते हैं. जो गलत करता है, उसके खिलाफ कार्रवाई करने में मिनटों का समय लगता है.
विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनका यह हंगामा और आंदोलन पूरी जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए है. विपक्षी दल के नेता नहीं चाहते कि जांच सही दिशा में चले.इस मामले में सीएम खुद कह चुके हैं कि जांच की मॉनीटरिंग हाईकोर्ट करेगी. उन्होंने समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा का बचाव करते हुए कहा कि इस मामले में वह दोषी कहां पायी गयी हैं, जो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. एक आरोपित की पत्नी ने उनके पति पर आरोप लगाया है, जिस पर वह सफाई भी दे चुकी हैं. उनके पति पर भी कहीं से आरोप साबित नहीं हुआ है. उन्हें इस्तीफा देने का कोई औचित्य नहीं बनता है.
किसी मामले में न कोई समझौता किया है और न ही आगे करेंगे
स्वरोजगार के लिए 1 लाख तक की मदद
इस योजना का उद्देश्य शराबबंदी के बाद जिन परिवारों की रोजी-रोटी छीन गयी है व निर्धनतम परिवारों को वैकल्पिक रोजगार मुहैया कराना है. इसके लिए चयनित परिवारों को स्वरोजगार के लिए 60 हजार से एक लाख रुपये तक की सहायता दी जायेगी. साथ ही 7 माह तक एक हजार रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी.
जीविका मॉडल को केंद्र ने अपनाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका मॉडल इतना प्रभावी है कि इसे केंद्र सरकार ने ठीक वैसे ही आजीविका नाम से लागू कर दिया. बिहार जो अच्छा काम होता है, लोग उसे जल्द ही भूल जाते हैं. क्योंकि हम इसका ज्यादा प्रचार नहीं करते. बहुत विज्ञापन नहीं करते हैं.
दूसरे कुछ लोग तो जो करते हैं, उसका पूरे देश में विज्ञापन देते चलते हैं. उन्होंने कहा कि हम गांधीजी में विश्वास करते हैं, जिनका कहना था कि कोई सरकार राज्य के सरकारी खजाने का सिर्फ ट्रस्टी है. इसका गलत उपयोग नहीं करते. शराबबंदी कानून लागू करने की इच्छा काफी पहले से ही मन में थी, लेकिन एक द्वंद की स्थिति भी थी. लेकिन जीविका के एक कार्यक्रम में जैसे ही कुछ दीदियों ने इसकी मांग की, द्वंद की स्थिति खत्म हो गयी और इसे दोबारा सत्ता में आने पर लागू कर दिया.
10 लाख स्वयं सहायता समूह बनाने का लक्ष्य
जीविका के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और इनसे जुड़ी दीदियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन पर पूरा भरोसा है. ये जितनी सशक्त होकर उभरेंगी, समाज में उतना ही बड़ा बदलाव आयेगा. सिर्फ चंद कारखाने लगाने से विकास नहीं होता, घर-घर का उत्थान करना ही सही मायने में विकास की परिभाषा है.
जल्द ही राज्य में 10 लाख एसएचजी बनाने का लक्ष्य पूरा करने के लिए सभी अधिकारियों को कहा गया है. वर्तमान में राज्य में करीब सवा आठ लाख स्वयं सहायता समूहों से 96 लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं. जीविका दीदियों से कहा कि यह याद रखें कि उनके कहने पर ही शराबबंदी कानून लागू की गयी है. एसएचजी नारी सशक्तीकरण का सबसे सशक्त माध्यम है. इससे महिलाओं में काफी जागृति आयी है.
पटना समेत 16 जिलों में शुरू हुई योजना
यह योजना अभी 16 जिलों-पटना, नालंदा, गया, नवादा, औरंगाबाद, पूर्णिया, कटिहार, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर व वैशाली शुरू की गयी है. जल्द ही सभी जिलों में यह शुरू होगी.
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