पटना : दो साल में भंडारण क्षमता में वृद्धि को लेकर बनेगा गोदाम

Updated at : 16 Jul 2018 9:02 AM (IST)
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पटना : दो साल में भंडारण क्षमता में वृद्धि को लेकर बनेगा गोदाम

पटना : राज्य में आगामी दो साल में लगभग 11 लाख टन भंडारण क्षमता में वृद्धि का लक्ष्य है. भंडारण क्षमता में वृद्धि को लेकर अनाज को सुरक्षित रखने के लिए मॉडल गोदामों के निर्माण का निर्णय लिया गया है. कृषि रोड मैप में पांच साल के लिए भंडारण क्षमता का लक्ष्य तय किया गया […]

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पटना : राज्य में आगामी दो साल में लगभग 11 लाख टन भंडारण क्षमता में वृद्धि का लक्ष्य है. भंडारण क्षमता में वृद्धि को लेकर अनाज को सुरक्षित रखने के लिए मॉडल गोदामों के निर्माण का निर्णय लिया गया है. कृषि रोड मैप में पांच साल के लिए भंडारण क्षमता का लक्ष्य तय किया गया है.
इसके हिसाब से अनाज को सुरक्षित रखने के लिए गोदाम की आवश्यकता है. खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने गोदाम निर्माण को लेकर भवन निर्माण विभाग को प्रस्ताव दिया है.
प्रस्ताव मिलने के बाद भवन निर्माण विभाग के अभियंता मॉडल एस्टीमेट बनाने का काम करेंगे. 131 प्री-फैब गोदाम निर्माण योजनान्तर्गत द्वितीय चरण के कार्य हेतु पहले से समर्पित एस्टीमेट या नक्शे पर विमर्श कर अलग से इस पर निर्णय लिया जायेगा. इससे पहले भवन निर्माण विभाग द्वारा बनाये जा रहे 13 प्री-फैब गोदाम निर्माण योजनान्तर्गत में पांच गोदामों को जुलाई तक निर्माण काम पूरा करने के लिए कहा गया है.
शेष गोदामों का निर्माण 15 सितंबर तक पूरा करने के संबंध में खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने कहा है. गोदानों का निर्माण अनाज को सुरक्षित रखने, कीड़े, चूहों से बचाने, हवादार बनाने के लिए आधुनिक तरीके से गोदाम का निर्माण होना है.
विभागीय सूत्र ने बताया कि इसके लिए अलग-अलग क्षमता के विभिन्न प्री फैब (उच्च कोटि के स्टील फ्रेम/ संरचना वाले) गोदामों का निर्माण किया जायेगा. जहां गोदाम का निर्माण होना है वहां एप्रोच रोड बनाने को भी कहागया है. कुछ स्थलों पर गोदाम का निर्माण हो गया है, लेकिन एप्रोच रोड नहीं होने से वाहनों के आने-जाने में परेशानी होती है.
शहरी क्षेत्रों में बनेगा मल्टी स्टोरेज गोदाम
शहरी क्षेत्रों में जमीन की समस्या को लेकर मल्टी स्टोरेज गोदाम बनाने पर मंथन चल रहा है. शहरी क्षेत्रों में सरकारी जमीन नहीं मिलने से निजी जमीन की कीमत काफी अधिक होती है. इस वजह से गोदाम के निर्माण में समस्या होती है. इसलिए मल्टीस्टोरेज गोदाम बनाने के संबंध में भवन निर्माण विभाग को एस्टीमेट तैयार करना है.
पांच हजार, 10 हजार टन के बन रहे गोदाम
अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए अब पांच हजार, 10 हजार भंडारण क्षमता के गोदाम बन रहे हैं. बांका जिला में 10 हजार टन के दो, सुपौल के पिपरा अंचल में पांच हजार टन के एक व नवादा जिले में 13 प्रखंडों में 18 गोदामों के निर्माण हेतु जमीन उपलब्ध है. बांका अंचल में पांच हजार टन के एक गोदाम निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है.
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