इन्क्वायरी काउंटर पर सबसे अधिक सवाल

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : परीक्षा, रिजल्ट, त्रुटि में सुधार को लेकर हर दिन सैकड़ों छात्र और अभिभावक इंटर काउंसिल पहुंचते हैं. कई बार पूरा-पूरा दिन काम करवाने के लिए इंटर काउंसिल में रहना पड़ता है.
अकसर छात्राएं पूछताछ काउंटर पर आकर शौचालय की जानकारी लेने आती हैं. मेन गेट पर खुले पूछताछ काउंटर से मिली जानकारी के अनुसार हर दिन 10 से 15 छात्राएं शौचालय के लिए पूछताछ करती हैं. ऐसे में उन्हें मौर्यालोक या तारामंडल स्थित महिला शौचालय जाने की सलाह दी जाती है. ज्ञात हो कि इस बिल्डिंग में इंटर काउंसिल के अलावा माध्यमिक शिक्षा संघ, आरडीडीइ ऑफिस भी हैं. सब मिला कर लगभग 12 सौ पदाधिकारी, कर्मचारी काम करते हैं. 300 के लगभग महिला कर्मी हैं. इसके अलावा हर दिन बाहरी लोगों का आना-जाना होता है. इसमें सौ से डेढ़ सौ के लगभग छात्राएं शामिल होती हैं.
1995 से काम कर रही काजल ने बताया कि 22 साल बीत गये, महिला शौचालय यहां पर कभी भी नहीं बना. काउंसिल की महिला कर्मियों ने मिल कर काउंसिल के प्रशासनिक पदाधिकारी को काउंसिल में एक शौचालय बनाने का आवेदन भी दिया, कई महीने हो गये, लेकिन अभी तक शौचालय नहीं बना है.
इंटर काउंसिल वाली बिल्डिंग में आठ फ्लोर हैं. हर फ्लोर पर दो-दो शौचालय बने हुए हैं. लेकिन महिलाओं के लिए एक भी नहीं हैं. काउंसिल के दूसरे तल्ले पर प्रेषण शाखा है. इस फ्लोर पर दो शौचालय हैं जो कई महीनों से बंद हैं.
इमरजेंसी में पुरुष शौचालय का इस्तेमाल : सुबह दस बजे से छह बजे तक की ड्यूटी होती है. इंटर परीक्षा के समय तो यह ड्यूटी कई और घंटे बढ़ जाती है. ऐसे में इमरजेंसी होने पर पुरुष शौचालय का ही इस्तेमाल करती हैं. किसी तरह की दिक्कतें न हो, इसके लिए एक साथ कई महिला कर्मी पुरुष शौचालय जाती हैं.
मुझे इसकी जानकारी नहीं थी कि इंटर काउंसिल में महिलाओं के लिए एक भी शौचालय नहीं है. यह गंभीर बात है. जल्द ही काउंसिल में महिलाओं व काम से आने वाली छात्राआें के लिए शौचालय की सुविधा दी जायेगी.
आनंद किशोर, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
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