पटना विजिलेंस ने झारखंड पुलिस से क्यों मांगा आईपीएस अमित लोढ़ा की कमाई का ब्योरा?

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झारखंड पुलिस को लिखे गये पत्र में बताया गया है कि अमित लोढ़ा के खिलाफ स्पेशल विजिलेंस यूनिट पटना में सात दिसंबर 2022 को ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ के तहत केस दर्ज है. इस केस में अनुसंधान के लिए रांची में उनकी पोस्टिंग के दौरान उन्हें मिलनेवाली सैलरी, कटौती, लोन या एडवांस से संबंधित दस्तावेज दें.

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रांची: पटना स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने बिहार के चर्चित आईपीएस और वर्तमान में आईजी के पद से निलंबित अमित लोढ़ा की झारखंड में पोस्टिंग के दौरान हुई कमाई की जांच शुरू कर दी है. श्री लोढ़ा वर्ष 2000 में प्रशिक्षु आईपीएस के रूप में एएसपी के पद पर रांची में पदस्थापित थे. स्पेशल विजिलेंस यूनिट पटना यह पता लगा रही है कि श्री लोढ़ा ने यहां रहते हुए वैध स्रोत से कितने पैसे कमाये और कितने खर्च किये?

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डीएसपी चंद्रभूषण की ओर से झारखंड पुलिस को लिखे गये पत्र में यह बताया गया है कि अमित लोढ़ा के खिलाफ स्पेशल विजिलेंस यूनिट पटना में सात दिसंबर 2022 को ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ के तहत केस दर्ज हुआ था. उक्त केस में अनुसंधान के लिए रांची में उनकी पोस्टिंग के दौरान उन्हें मिलनेवाली सैलरी, उससे हुई कटौती, उनके नाम पर लोन या एडवांस से संबंधित सभी दस्तावेज उपलब्ध कराये जायें.

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गौरतलब है कि अमित लोढ़ा पूर्व में मगध क्षेत्र के आईजी के पद पर पदस्थापित थे. उन्होंने वर्ष 2017 में ‘बिहार डायरी’ नाम से एक किताब लिखी थी. इसी किताब पर आधारित वेबसीरीज ‘खाकी : द बिहार चैप्टर’ बनी थी, जिसे नेटफिल्किस पर प्रदर्शित किया गया था. इसके बाद से ही अमित लोढ़ा को लेकर कई तरह की बातें सामने आने लगीं.

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