Nepal Flood: बाढ़ की आहट से सहमे ग्रामीण, सिर पर अनाज और कंधे पर चारपाई लेकर ऊंचे ठिकानों की ओर पलायन

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सामान लेकर ऊंचे स्थान पर पलायन करते ग्रामीण

नेपाल में ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल की त्रिशूली नदी में आई उफान की खबर से पश्चिमी चंपारण में गंडक नदी को लेकर दहशत है. निचले इलाकों के ग्रामीण अपने घरों से जरूरी सामान लेकर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं.

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Nepal Flood: चीन-तिब्बत सीमा क्षेत्र में ग्लेशियर से बने प्राकृतिक बांध के टूटने और नेपाल की त्रिशूली नदी में अचानक उफान की खबर के बाद पश्चिमी चंपारण में गंडक नदी को लेकर दहशत बढ़ गयी है. गंडक के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की आशंका के बीच निचले और दियारा क्षेत्र के ग्रामीण अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं.

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बाढ़ की आशंका से गांवों में अफरा-तफरी

संभावित बाढ़ की सूचना के बाद गंडक के तटीय इलाकों में रहने वाले परिवारों में हड़कंप मचा हुआ है. लोग घरों से अनाज की बोरियां, जरूरी दस्तावेज, बर्तन, चौकी और चारपाई निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर ले जा रहे हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर तेजी से बढ़ा तो घरों में रखा सामान बचाना मुश्किल होगा. इसलिए पानी आने से पहले ही जरूरी सामान लेकर ऊंचे स्थानों पर जाना बेहतर है.

सिर पर अनाज, कंधे पर चौकी-चारपाई लेकर निकल रहे लोग

गंडक किनारे बसे गांवों में पलायन का मंजर दिखाई देने लगा है. ग्रामीण सिर पर अनाज की बोरियां उठाये और कंधों पर चौकी-चारपाई लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाते दिख रहे हैं. कई परिवार अपने बच्चों और मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं.

गंडक बराज पर बढ़ी निगरानी

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज पर निगरानी बढ़ा दी गयी है. बराज से शाम तक चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की संभावना ने गंडक के निचले इलाकों में चिंता बढ़ा दी है.

प्रशासन की ओर से तटबंधों और नदी के आसपास के संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है. अधिकारियों की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं.

डीएम-एसपी ने संभाली कमान

संभावित बाढ़ को देखते हुए पश्चिमी चंपारण प्रशासन अलर्ट मोड में है. जिलाधिकारी तरनजोत सिंह और एसपी राजेश कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम बगहा-1 और बगहा-2 के विभिन्न इलाकों में स्थिति का जायजा ले रही है.

निचले इलाकों में माइकिंग कराकर लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है. राहत एवं बचाव दलों को भी तैयार रखा गया है.

तटबंधों पर भी बढ़ा दबाव

गंडक नदी में संभावित तेज जलवृद्धि को देखते हुए तटबंधों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें निगरानी कर रही हैं.

प्रशासन की प्राथमिकता तटबंधों की सुरक्षा के साथ-साथ निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है.

लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील की है. नदी के आसपास रहने वाले परिवारों को जरूरी सामान, दवाएं, दस्तावेज और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है.

गंडक के जलस्तर में बदलाव को देखते हुए आने वाले घंटों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है.

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