शास्त्रीय संगीत की सुर-लहरियों से गूंज उठा मॉडर्न इंग्लिश स्कूल, विद्यार्थियों ने जानी भारतीय संगीत की परंपरा
कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार | Prabhat Khabar Network
Nawada News : नवादा के मॉडर्न इंगलिश स्कूल में स्पीक मैके के तहत पंडित देबाशीष भट्टाचार्य ने चतुरंगी पर शास्त्रीय संगीत की अद्भुत प्रस्तुति दी।
Nawada News : भारतीय कला, संस्कृति एवं शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा से युवा पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से मॉडर्न इंग्लिश स्कूल, कुंती नगर एवं न्यू एरिया में बुधवार को स्पीक मैके के तत्वावधान में भारतीय शास्त्रीय संगीत की भव्य प्रस्तुति आयोजित की गयी. प्रख्यात भारतीय शास्त्रीय स्लाइड गिटार वादक एवं आकाशवाणी तथा दूरदर्शन के टॉप-ग्रेड कलाकार पंडित देबाशीष भट्टाचार्य ने अपनी अद्भुत संगीत साधना से विद्यालय परिसर को सुरमयी बना दिया.
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चतुरंगी की मधुर स्वर-लहरियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में पंडित देबाशीष भट्टाचार्य ने ‘चतुरंगी’ के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय संगीत की विविध छटाओं को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया. चतुरंगी से निकलने वाली मधुर एवं गूंजती स्वर-लहरियों ने शानदार वातावरण निर्मित किया. पंडित देबाशीष भट्टाचार्य के साथ सूर्यादित्य भट्टाचार्य ने चतुरंगी तथा सुधीर कुमार घोराई ने तबले पर शानदार संगत की. चतुरंगी के सुरों और तबले की ताल-लय के अद्भुत सामंजस्य ने प्रस्तुति को और भी प्रभावशाली बना दिया.
‘रघुपति राघव राजाराम’ और ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ ने मोहा मन
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण ‘रघुपति राघव राजाराम’ तथा ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ जैसे लोकप्रिय भजनों की मनोहारी प्रस्तुति रही. चतुरंगी और तबले की संगति में प्रस्तुत भजनों ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया. कलाकारों ने विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत के सुर, ताल, लय एवं राग परंपरा से भी परिचित कराया.
संगीत को भारतीय संस्कृति और जीवन-दर्शन का अभिन्न हिस्सा बताया
कलाकारों ने कहा कि भारतीय संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि यह भारत की सभ्यता, संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और जीवन-दर्शन का अभिन्न हिस्सा है. कार्यक्रम के दौरान मॉडर्न शैक्षणिक समूह के अध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह ने पंडित देबाशीष भट्टाचार्य सहित पूरी कलाकार टीम एवं स्पीक मैके के प्रतिनिधि मनीष कुमार सिंह का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न देकर गर्मजोशी से स्वागत एवं सम्मान किया.

विद्यार्थियों को सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना जरूरी
डॉ. अनुज सिंह ने कहा कि आज के आधुनिक एवं तकनीकी युग में विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है. स्पीक मैके जैसे मंच देश की महान सांस्कृतिक परंपराओं को विद्यालयों तक पहुंचाकर नई पीढ़ी में भारतीय कला के प्रति रुचि और सम्मान पैदा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि संगीत मनुष्य के व्यक्तित्व को संवेदनशील, अनुशासित एवं सृजनात्मक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
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