नवादा के किन्नर मोनिका हत्याकांड की सुलझने लगी गुत्थी, मुख्य आरोपी शुभम ने किया सरेंडर
काशीचक थाना का फाइल फोटो
Nawada News : नवादा मोनिका हत्याकांड में मुख्य आरोपी शुभम के 24 घंटे के रिमांड में हत्या की साजिश और शव को ठिकाने लगाने के चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं.
Nawada News : भट्ठा गांव के गोहिया पोखर से किन्नर मोनिका का शव बरामद होने के बाद से रहस्य बनी हत्या की गुत्थी अब धीरे-धीरे सुलझने लगी है. मामले के मुख्य आरोपी शुभम कुमार ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया. न्यायालय के आदेश पर काशीचक पुलिस को पूछताछ के लिए 24 घंटे का रिमांड मिला. रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में पुलिस के समक्ष हत्या की कथित साजिश, वारदात और शव को ठिकाने लगाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की बात कही गई है.
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पहले मिला था पैर, दो दिन बाद बरामद हुआ पूरा शव
गोहिया पोखर से सबसे पहले ग्रामीणों को एक मानव पैर दिखाई दिया था. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने पैर बरामद कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया था. इसके करीब दो दिन बाद उसी पोखर से बोरे में बंद एक शव बरामद हुआ. पुलिस के सामने शव की पहचान करने के साथ यह चुनौती भी थी कि बरामद शव महिला का है या पुरुष का. इसके बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल हत्या करने वाले और शव को पोखर तक पहुंचाने वाले व्यक्ति की पहचान का था.
तीन महीने बाद गुप्त सूचना से जांच को मिली नई दिशा
हत्या के इस अंधे मामले में पुलिस लगातार सुराग तलाशती रही. करीब तीन महीने बाद मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने करण नामक एक युवक को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में करण ने घटना से अनभिज्ञता जताते हुए टालमटोल की, लेकिन पूछताछ आगे बढ़ने के बाद घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने लगे. इसके बाद पुलिस अनुसंधान की कड़ियां मुख्य आरोपी शुभम कुमार तक पहुंचीं.
पुलिस की बढ़ती कार्रवाई के बीच शुभम ने किया आत्मसमर्पण
मामले में पुलिस की कार्रवाई बढ़ने के बीच मुख्य आरोपी शुभम कुमार ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया. न्यायालय के आदेश पर पुलिस को पूछताछ के लिए उसका 24 घंटे का रिमांड मिला. रिमांड के दौरान पुलिस ने हत्या की वजह, वारदात में शामिल लोगों, शव को ठिकाने लगाने और साक्ष्य मिटाने से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की.
प्रेम संबंध से शुरू हुई कहानी, हत्या की साजिश तक पहुंची
पुलिस के अनुसार, रिमांड के दौरान शुभम ने बताया कि पटना में पढ़ाई के दौरान उसकी मुलाकात मोनिका से हुई थी. दोनों की मुलाकात पहले दोस्ती और बाद में प्रेम संबंध में बदल गई. पुलिसिया पूछताछ में मोनिका द्वारा पत्नी का दर्जा देने और घर आने को लेकर दबाव बनाए जाने से परेशान होकर हत्या की साजिश रचे जाने की बात सामने आई है.
प्रयागराज घूमने के बहाने मोनिका को बुलाया
पुलिस के मुताबिक, 5 दिसंबर को प्रयागराज घूमने के बहाने मोनिका को काशीचक बुलाया गया. दोनों 5 और 6 दिसंबर को प्रयागराज में रहे. इसके बाद 7 दिसंबर की देर रात वे काशीचक वापस पहुंचे. पुलिस के अनुसार, स्टेशन से टोटो के जरिए शुभम और उसके साथी मोनिका को एक सुनसान स्थान पर ले गए. वहां कथित तौर पर पहले ईंट से हमला कर उसे घायल किया गया और फिर गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई.
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नमक डालकर बोरे में बंद किया शव
पुलिसिया पूछताछ में सामने आने की बात के अनुसार, हत्या के बाद शव को बोरे में बंद किया गया और उसमें नमक डालकर गोहिया पोखर में फेंक दिया गया. पुलिस के अनुसार, बाद में गांव में घटना को लेकर कानाफूसी शुरू होने पर शव को पोखर से निकालकर कहीं और ठिकाने लगाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली. शुभम ने कथित तौर पर शव काटे जाने से इनकार किया है. उसके अनुसार, नमक के कारण शव काफी सड़-गल गया था और बोरा खींचने के दौरान पैर शरीर से अलग होकर बाहर निकल आया. पुलिस इस दावे का मिलान फोरेंसिक साक्ष्यों से कर रही है.
मोबाइल नष्ट कर साक्ष्य मिटाने का भी आरोप
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मोनिका के मोबाइल को नष्ट कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किए जाने की बात भी सामने आई है. मोबाइल को प्रयागराज में बंद करने के बाद कथित तौर पर अलग-अलग रेलवे स्टेशनों के रास्ते ले जाकर कोडरमा स्टेशन पर खड़ी एक ट्रेन के शौचालय में तोड़कर फेंकने की बात कही गई है.
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चार महीने बाद पुलिस को मिली अहम कड़ी
मोनिका हत्याकांड की शुरुआत पोखर से मिले एक पैर से हुई थी. न हत्या का प्रत्यक्ष सुराग था और न ही शव को वहां तक पहुंचाने वाले का पता. ऐसे में काशीचक थानाध्यक्ष गौतम कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल, स्थानीय पूछताछ, तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया. घटना के करीब चार महीने और पैर बरामद होने के लगभग तीन महीने बाद मिली सूचना के आधार पर करण की गिरफ्तारी हुई. इसके बाद पुलिस मुख्य आरोपी शुभम तक पहुंच सकी. अब रिमांड में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.
पुलिस बोली- हर कड़ी को साक्ष्य से जोड़कर हो रही जांच
काशीचक थानाध्यक्ष गौतम कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी के आत्मसमर्पण के बाद न्यायालय के आदेश से 24 घंटे का रिमांड लिया गया था. रिमांड के दौरान पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं. पुलिस सभी बिंदुओं की जांच कर रही है और पूछताछ में सामने आए तथ्यों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है. मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है.
गौतम कुमार, थानाध्यक्ष, काशीचक, नवादा
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