स्वर्ण महा संग्राम सभा को लेकर नवादा में चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा; 31 मजिस्ट्रेट-80 अधिकारी संभालेंगे मोर्चा
नवादा से हिसुआ जाने वाली मार्ग सद्भावना चौक पर तैनात पुलिस
हिसुआ में स्वर्ण महा संग्राम सभा को लेकर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है. शहर में प्रवेश के हर रास्ते पर कड़े सुरक्षा घेरे और सघन वाहन जांच अभियान चल रहा है. 31 मजिस्ट्रेट और 80 पुलिस अधिकारी, तीन क्यूआरटी टीम सहित भारी पुलिस बल तैनात है.
स्वर्ण महा संग्राम सभा को लेकर रविवार को हिसुआ का माहौल पूरी तरह पुलिसिया सुरक्षा घेरे में है. शहर में प्रवेश करने वाले तमाम प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर सघन वाहन जांच और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. सड़क से लेकर चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों तक पुलिस बल की तैनाती है. हूटर बजाती पुलिस की गाड़ियां लगातार सड़कों पर गश्त कर रही हैं. सुबह से ही पुलिस की इस व्यापक मौजूदगी के कारण छोटे से हिसुआ शहर में कर्फ्यू जैसे हालात का दृश्य दिखाई दे रहा है.
कानून-व्यवस्था को लेकर नवादा पुलिस और जिला प्रशासन ने इस बार जिस स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की है, वह सामान्य दिनों से बिल्कुल अलग है. एसपी अभिनव धीमान के निर्देशन में बीएनएसएस की धारा 163 के अनुपालन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है.
31 दंडाधिकारी, 80 पुलिस अधिकारी मैदान में
प्रशासनिक संयुक्त आदेश के तहत हिसुआ क्षेत्र में 31 दंडाधिकारियों के साथ 80 पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गयी है. इनके अलावा तीन सर्किल इंस्पेक्टर और 14 थानाध्यक्ष भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गये हैं. इतना ही नहीं, किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तीन क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) को भी तैनात रखा गया है.

सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए जिले के चार डीएसपी भी मोर्चे पर रहेंगे. इस व्यापक तैनाती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हिसुआ जैसे छोटे प्रखंड क्षेत्र में एक साथ इतने बड़े स्तर पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है.
चौक-चौराहे से लेकर प्रवेश मार्ग तक पुलिस का पहरा
रविवार की सुबह से ही हिसुआ पहुंचने वाले मार्गों पर पुलिस की सक्रियता दिखाई दे रही है. बैरिकेडिंग कर वाहनों को रोका जा रहा है और आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है. पुलिसकर्मी वाहनों की तलाशी के साथ लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रख रहे हैं. हिसुआ बाजार और आसपास के प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.

लगातार गश्ती के कारण सड़क पर आम दिनों की तुलना में पुलिस वाहनों की आवाजाही अधिक नजर आ रही है. पहले से जारी ट्रैफिक प्लान के अनुसार भी 13 सितंबर को हिसुआ बाजार में सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगायी गयी है. गया, राजगीर और नवादा की ओर से आने-जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किये गये हैं.
तीन क्यूआरटी टीम रहेंगी तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार
किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तीन क्यूआरटी टीमों को तैयार रखा गया है. क्यूआरटी का उद्देश्य किसी स्थान पर अचानक भीड़ जुटने, कानून-व्यवस्था की स्थिति बनने या किसी आपात सूचना पर बिना समय गंवाये मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करना है.
वहीं चार डीएसपी स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी से स्पष्ट है कि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को केवल थाना स्तर की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि वरीय पुलिस अधिकारियों की प्रत्यक्ष निगरानी में पूरा ऑपरेशन संचालित किया जा रहा है.
नियंत्रण कक्ष से रखी जा रही नजर
पूरे घटनाक्रम पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष की भी व्यवस्था की गयी है. प्रभारी मद्य निषेध शाखा ब्रजेश पाठक और श्रम अधीक्षक चंद्रशेखर सिंह को नियंत्रण कक्ष की जिम्मेदारी दी गयी है.
इस व्यवस्था के जरिए क्षेत्र से मिलने वाली सूचनाओं, पुलिस टीमों की गतिविधियों और किसी भी आकस्मिक स्थिति की जानकारी का त्वरित समन्वय किये जाने की तैयारी है.
हूटर की आवाज-सड़कों पर पुलिस की कतार से दिख रही सख्ती
रविवार की सुबह हिसुआ की सड़कों का नजारा आम दिनों से बिल्कुल अलग रहा. एक ओर बैरिकेडिंग के बीच वाहनों की जांच, दूसरी ओर सड़क पर लगातार गश्त करती पुलिस की गाड़ियां और बीच-बीच में सुनाई देता हूटर-पूरा शहर पुलिस की कड़ी निगरानी में नजर आया.

चौक-चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी आने-जाने वाले लोगों पर नजर रख रहे हैं. संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल की मौजूदगी ने आम लोगों को भी प्रशासन की तैयारियों का अहसास करा दिया है. यह दृश्य एक स्पष्ट संदेश भी दे रहा है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ की किसी भी कोशिश को प्रशासन हल्के में लेने के मूड में नहीं है.
धारा 163 के अनुपालन पर प्रशासन की पूरी नजर
प्रणय हत्याकांड के बाद हिसुआ में पहले से ही प्रशासन ने निषेधात्मक प्रावधान लागू कर रखे हैं. नवादा पुलिस ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर भ्रामक और उत्तेजक पोस्ट को लेकर कार्रवाई, निरोधात्मक कार्रवाई तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस-मजिस्ट्रेट की तैनाती की जानकारी भी सार्वजनिक की थी. ऐसे में रविवार को बड़े स्तर पर पुलिस और दंडाधिकारियों की तैनाती का मकसद धारा 163 के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ किसी भी अप्रिय स्थिति को शुरुआत में ही रोकना है.
हिसुआ में संदेश साफ-कानून से ऊपर कोई नहीं
फिलहाल हिसुआ में पुलिस की व्यापक तैनाती और प्रशासनिक तैयारियों से एक बात साफ दिखाई दे रही है. प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति को लेकर पूरी तरह तैयार है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस, प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग, वाहनों की तलाशी, लगातार गश्त, तीन क्यूआरटी, चार डीएसपी और दर्जनों दंडाधिकारी-पुलिस अधिकारियों की तैनाती के बीच हिसुआ में रविवार का दिन बेहद असामान्य सुरक्षा घेरे में गुजर रहा है.
हूटर बजाती पुलिस की गाड़ियां और सड़कों पर तैनात जवान मानो एक ही संदेश दे रहे हैं. हिसुआ में कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं होगा और कानून से ऊपर कोई नहीं है.
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