नवादा में बैंक मैनेजर-कंपनी स्टाफ बनकर करते थे ठगी, लोन दिलाने के नाम पर लोगों को फंसाने वाले दो गिरफ्तार

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गिरफ्तार साइबर अपराधी के बारे में जानकारी देते पुलिस अधिकारी

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नवादा पुलिस ने लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी लोगों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे ऐंठते थे. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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Nawada cyber crime: साइबर अपराधियों के खिलाफ नवादा पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है. एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर वारिसलीगंज थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दो कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन और साइबर ठगी से जुड़े 9,770 रुपये नकद बरामद किये हैं.

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थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने बताया कि 12 सितंबर को साइबर अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए थानाध्यक्ष के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गयी थी. टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के बाधी और चकवाय गांव के पास अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की.

बाधी और चकवाय से दो आरोपित गिरफ्तार

छापेमारी के दौरान बाधी गांव से रूपांशू कुमार (24), निवासी मीरबिगहा (चकवाय) को दो एंड्रॉयड मोबाइल के साथ पकड़ा गया. वहीं, चकवाय गांव से राजेश कुमार (21), निवासी चकवाय को एक एंड्रॉयड मोबाइल और कथित साइबर ठगी की रकम के साथ गिरफ्तार किया गया.

लोन का झांसा देकर ऐसे बिछाते थे ठगी का जाल

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने कथित तौर पर साइबर ठगी के तरीके के बारे में जानकारी दी. पुलिस के मुताबिक, आरोपी बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस समेत अन्य कंपनियों और विभिन्न प्रकार के लोन के नाम पर लोगों को ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देते थे.

पुलिस का कहना है कि आरोपी कस्टमर डाटा और सोशल मीडिया के माध्यम से मोबाइल नंबर हासिल कर लोगों को फोन करते थे. विश्वास जीतने के लिए कभी खुद को बैंक मैनेजर तो कभी कंपनी का स्टाफ बताकर बातचीत करते थे. इसके बाद लोन स्वीकृत कराने के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो और ई-मेल आइडी जैसी जानकारी मांगी जाती थी.

इसके बाद प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे की मांग कर लोगों को कथित तौर पर ठगी का शिकार बनाया जाता था.

प्राथमिकी दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने इस मामले में वारिसलीगंज थाना कांड संख्या 659/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता और आइटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

कार्रवाई में वारिसलीगंज थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक पंकज कुमार सैनी, परिवीक्षाधीन पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार राय सहित थाना के पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल शामिल रहे.

पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के साथ मामले की आगे की जांच कर रही है. साथ ही साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है.

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