कई पैसेंजर ट्रेनें रद्द, यात्री हुए परेशान
Updated at : 09 Nov 2016 8:12 AM (IST)
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दूसरे प्रदेशों को जानेवाले प्रवासियों की बढ़ी तादाद रेल परिचालन हुआ बेपटरी, घंटों ट्रेनों के इंतजार में बैठे रहे यात्री नवादा कार्यालय : महापर्व छठ के समापन के साथ ट्रेनों में दूसरे प्रदेशों को लौटनेवाले प्रवासियों की भारी भीड़ स्टेशन पर उमड़ रही हैं. ऐसे में मंगलवार को रेलखंड पर चलनेवाली पैसेंजर ट्रेनों के रद्द […]
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दूसरे प्रदेशों को जानेवाले प्रवासियों की बढ़ी तादाद
रेल परिचालन हुआ बेपटरी, घंटों ट्रेनों के इंतजार में बैठे रहे यात्री
नवादा कार्यालय : महापर्व छठ के समापन के साथ ट्रेनों में दूसरे प्रदेशों को लौटनेवाले प्रवासियों की भारी भीड़ स्टेशन पर उमड़ रही हैं. ऐसे में मंगलवार को रेलखंड पर चलनेवाली पैसेंजर ट्रेनों के रद्द रहने व अनिश्चितकालीन विलंब से चलने के कारण यात्रियों को फजीहत का सामना करना पड़ा.
53626 व 53628 डाउन गया-किउल पैसेंजर को रद्द कर दिया गया. जबकि, दोपहर एक बजे के बाद किउल की तरफ से देर रात तक गया जाने के लिए कोई भी पैसेंजर ट्रेन नहीं खुली थी. लगभग सभी पैसेंजर ट्रेन के असमय से चलने से यात्री परेशान दिखे. ऐसे में किउल-गया रेलखंड पर चलनेवाली मात्र दो एक्सप्रेस ट्रेन भारी भीड़ को ढोने मे नाकाम दिखी.
रेलखंड को एक दैनिक व मंगलवार को चलनेवाली एक साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन ही नसीब हैं. ये भी पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल व आसाम को ही जाती है. गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तरप्रदेश जैसे राज्यों में काम करनेवाले लोगों के लिए इस रेलखंड के यात्रियों को कोई सीधी एक्सप्रेस ट्रेन उपलब्ध नहीं हैं. यात्री किउल व गया जंकशन पहुंचकर एक्सप्रेस ट्रेनों से इन प्रदेशों को निकलते है. इसके लिए पैसेंजर ट्रेनें ही इनका बेड़ा पार लगाती हैं.
इनके रद्द रहने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. हजारों की संख्या में बाहर काम करनेवाले लोगों को अपने गांव घर लौटने में भारी मुसीबत का सामना करना पड़ता है. पर्व त्योहारों में लौटे लोग के इन प्रदेशों में लौटने का सिलसिला शुरू होते ही रेलखंड पर मंगलवार को रेल परिचालन पूरी तरह चरमरा गयी.
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